रेवाड़ी। प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को घर से स्कूल लाने और घर तक छोड़ने के लिए विभाग की ओर से वाहनों की व्यवस्था की जानी थी, लेकिन कई स्कूल मुखिया वाहनों की व्यवस्था नहीं कर पाए। परिवहन सुरक्षा योजना से जाटूसाना खंड के 1956 विद्यार्थी वंचित हैं।
कुछ स्कूल मुखियाओं का कहना है कि वाहनों की व्यवस्था करने में अधिक परेशानियां आ रही हैं, क्योंकि विभाग के मानकों के मुताबिक वाहन ही नहीं मिल रहे हैं। किसी वाहन चालक के पास दस्तावेज कम हैं। किसी के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है। लिहाजा व्यवस्था बनाने में समय लग रहा है। विभाग की इस योजना के तहत कन्हौरी, बेरली खुर्द, मस्तापुर, करावरा मानकपुर, सुम्माखेड़ा, बोड़िया कमालपुर, कंवाली, रोहड़ाई, गुरावड़ा, मोतला कलां, दहलावास गुलाबपुरा, गोठड़ा टप्पा डहीना, दड़ौली, आशियाकी गौरावास, नांगल पठानी, पाल्हावास, मुसेपुर, बेरली कलां, दखौरा, ढोकिया, कुतुबपुरी बुजुर्ग और मांढैया खुर्द यानी 22 गांवों के 30 स्कूलों में वाहन चलाने की योजना थी। इन वाहनों में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी घर से ही वाहनों में बैठते और स्कूल के बाद घर ही उतरते। वाहन की सुविधा सरकार की ओर से निशुल्क की गई थी।
जाटूसाना खंड के 30 स्कूलों में शुरू की जानी थी योजना
गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने परिवहन सुरक्षा योजना शुरू की थी। इसके अंतर्गत रेवाड़ी जिले ने अपना प्लान भी बना लिया था। शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पहले जाटूसाना खंड के 30 स्कूलों में यह योजना शुरू की जानी थी। इनके 1956 विद्यार्थियों को विभाग द्वारा घर से वाहन में बैठाकर लाने तथा घर छोड़कर आने का प्रावधान था। इन विद्यार्थियों के लिए 77 रूटों पर 86 वाहन चलाने का विभाग का प्लान था। इसमें बस तथा ऑटो शामिल थे। परिवहन सुविधा पर हर महीने 21 लाख 33 हजार 780 रुपये का बजट विभाग ने बनाया था। इसका एस्टीमेट बनाकर निदेशालय भेजा गया था, लेकिन स्कूल मुखिया अभी तक वाहनों की व्यवस्था ही नहीं कर पाए।
वर्जन
स्कूल मुखिया वाहनों की व्यवस्था कर रहे हैं। जो वाहन विभाग के तय मापदंडों को पूरा नहीं करते उन्हें बिल्कुल भी नहीं लिया जाएगा। वाहनों की व्यवस्था करने के लिए स्कूल मुखियाओं को निर्देश दिए हुए हैं।-राजेंद्र शर्मा, बीईओ, नाहड़।