रेवाड़ी। थाना रामपुरा पुलिस ने 28 नवंबर की रात को गांव देहलावास गुलाबपुरा में एक लग्न समारोह में डीजे पर मामूली विवाद के बाद संजीव (25) की हत्या करने के मामले में दो आरोपियों गांव देहलावास निवासी पुष्पेंद्र व गांव बोड़िया कमालपुर निवासी गौरव उर्फ कैली को गिरफ्तार कर लिया है। इधर परिवार का कहना है कि आरोपी दो नहीं चार हैं, जो भाग गए वही मास्टरमांइड हैं।
पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश करके पूछताछ के लिए तीन दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपी गौरव उर्फ कैली नीमराना स्थित आरोपी पुष्पेंद्र उर्फ पियूष के धर्म कांटे पर काम करता है। आरोपी पुष्पेंद्र के खिलाफ पहले भी एक्सीडेंट का एक मामला दर्ज है। इसी प्रकार आरोपी गौरव के खिलाफ भी पहले पॉक्सो एक्ट व मारपीट के चार मामले दर्ज हैं।
रविवार सुबह ग्रामीण बड़ी संख्या में रामपुरा थाने के बाहर पहुंचे और न्याय की मांग करते हुए 2 घंटे तक प्रदर्शन किया। मृतक के पिता विजय सिंह ने आरोप लगाया कि स्थानीय युवकों ने पहले भी उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। फिर पुलिस ने जानकारी दी कि 2 युवकों को पकड़ा जा चुका है।
इस मामले को लेकर रविवार को डीएसपी (ट्रैफिक) पवन कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि गांव देहलावास निवासी बिरेंद्र ने अपनी शिकायत में बताया था कि 28 नवंबर की रात को उसका भतीजा 25 वर्षीय संजीव पड़ोस के गांव गुलाबपुरा में लग्न समारोह में खाना खाने के लिए गया था।
वहां देहलावास निवासी पुष्पेंद्र व गुलाबपुरा निवासी सचिन उर्फ निदला के बीच डीजे पर गाना बदलने को लेकर झगड़ा हो रहा था। संजीव ने दोनों का बीच-बचाव किया था। इसके बाद सचिन अपने घर की ओर चल दिया। बाद में गांव देहलावास निवासी पुष्पेंद्र व कृष्ण उसके भतीजे संजीव को बाइक पर बैठाकर मंदिर के पास ले गए। वहां कुछ लोग पहले से ही मौजूद थे।
आरोप लगाया कि इन लोगों ने लोहे के हथियार से संजीव पर वार कर दिया जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। संजीव ने पीजीआई में 29 नवंबर को दम तोड़ दिया था।
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28 नवंबर को पुष्पेंद्र ने फोन कर कहा था- भतीजे को ले जा, जान से मार देंगे
मृतक संजीव के चाचा बिरेंद्र ने बताया कि उनके पास घटना वाले दिन पुष्पेंद्र का फोन आया था। उसने फोन पर बताया कि उन्होंने पुष्पेंद्र का काम तमाम कर दिया है। आकर उसे यहां से ले जाएं, नहीं तो उसे जान से मार दिया जाएगा। विरेंद्र ने इस मामले की सूचना संजीव के घर वालों को दी। जब संजीव के परिजन रात को मंदिर के पास गए तो पुष्पेंद्र वहां मौके पर मिला और गांव के दो युवक भागने में कामयाब हो गए। वीरेंद्र का कहना है कि जो दो युवक मौके से भागने में कामयाब हुए हैं, उन्होंने ही संजीव को मारने का प्लान बनाया था, इसके लिए पुष्पेंद्र को कुछ दिनों पहले काफी भड़काया गया था।
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15 दिन पहले शुरू हुआ था पूरा विवाद
चाचा बिरेंद्र ने बताया कि 15 दिन पहले मंदिर के पास गांव के कुछ युवक शराब पीकर बैठे हुए थे। इस दौरान संजीव ने एक युवक का उल्टा नाम लेकर उसे छेड़ दिया, इसी से विवाद शुरू हुआ। जो युवक फरार हैं, उन्हीं के साथ उस समय कहासुनी हुई थी। मामले में आपस में गांव में राजीनामा हो गया था। उसके बाद दोनों युवकों ने पुष्पेंद्र को अपने साथ मिला लिया। आज से करीब 10 दिन पहले तीनों ने धमकी दी थी कि उसे 10 दिनों के अंदर जान से मार देंगे। यह बात उसने घर पर अपने पिता को बताई थी।
अब परिवार का दावा- डीजे में नाचने के दौरान हुआ विवाद केवल बहाना
अब बिरेंद्र के परिजनों का दावा है कि लग्न समारोह में डीजे के नाचने को दौरान जो विवाद हुआ था, वह केवल एक बहाना था। युवकों ने पहले ही संजीव को मारने का प्लान बनाया हुआ था। पुष्पेंद्र ही संजीव को लेकर गया था। वहां पर पहले ही वही दो युवक मौजूद थे जिनके साथ 15 दिन पहले विवाद हुआ था। उन्होंने ही योजना बनाकर पूरी वारदात को अंजाम दिया है।
वर्जन
परिवार के आरोप को लेकर भी जांच की जा रही है। जो आरोपी मिलेंगे, सख्त कार्रवाई की जाएगी। -पवन, डीएसपी ट्रैफिक, रेवाड़ी
प्रेसवार्ता में जानकारी देते डीएसपी पवन कुमार। संवाद
प्रेसवार्ता में जानकारी देते डीएसपी पवन कुमार। संवाद