संजय यादव को प्रगतिशील किसान आवॉर्ड से सम्मानित करते कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कुलपति प्रो. ब?
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रेवाड़ी। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में दो दिवसीय किसान मेला चल रहा है। पहले दिन प्रत्येक जिले से एक प्रगतिशील किसान को अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया। रेवाड़ी जिले से यह अवॉर्ड धारूहेड़ा के प्रगतिशील किसान संजय यादव को कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कंबोज ने हिसार में प्रदान किया।
जिले में भी अब किसान खेती में विविधीकरण व नवाचारों की तरफ अग्रसर हो रहे हैं। इस बार मेले का विशेष जोर जल संरक्षण पर था। संजय यादव ने चार साल पहले धारूहेड़ा में एग्रो फार्म पर आर्गेनिक खेती का काम शुरू किया था। संजय यादव ने बताया कि जब उन्होंने आर्गेनिक खेती की शुरुआत की और आस-पास के किसानों से बातचीत की तो उसकी तरफ से मुझे नकारात्मक सोच का सामना करना पड़ा। इसी दौरान मेरी मुलाकात कृषि विज्ञान केन्द्र बावल के डॉ. जोगिन्द्र सिंह से हुई। उन्होंने मुझे इस मार्ग पर आगे चलने का साहस दिया और सहयोग का वादा किया। उन्होंने 40 एकड़ में एग्रो फार्म बनाया हुआ है। जिसमें 12 एकड़ में सूक्ष्म प्रणाली द्वारा खेती की जाती है और 17 एकड़ में मिनी स्प्रिंक्लर का प्रयोग किया जा रहा है। इस फार्म पर पिछले चार साल से किसी भी प्रकार का हानिकारक रसायनिक पदार्थ का प्रयोग नहीं किया गया है। हमारे फार्म पर विभिन्न प्रकार की सब्जियां, गेहूं, सरसों, दालें, व कुछ औषधीय फसलें, जीवाआमृत व डिकम्पोजर द्वारा तैयार की जाती है। इस बार फार्म पर 2000 पौधों का पौधरोपण किया जा रहा है। जिसमे नीम, आंवला, बैलगीरी व विभिन्न प्रकार के फलवाले पौधे भी लगाए जा रहे हैं। फार्म को वर्मी कम्पोस्ट, जीवाअमृत, जैविक कीटनाशक, जैविक फफूंदी नाशक व सभी प्रकार के जैविक उत्पादों से मिट्टी को जैविक खेती के अनुरूप ढाल दिया है। सभी प्रकार के खाद फार्म पर ही तैयार करने कि दिशा में कार्य चल रहा है। फार्म पर खेती के अलावा मधुमक्खी पालन, डेयरी फार्मिंग, मुर्गी पालन, मछली पालन करने के साथ साथ फार्म को एग्रो टूरिज्म में तब्दील किया जाएगा। धारूहेड़ा के प्रगतिशील किसान संजय यादव ने बड़े स्तर पर जल संरक्षण को अपनाया है। अपने 40 एकड़ के रसायन मुक्त फार्म पर टपका व माइक्रो स्प्रिंक्लर से 29 एकड़ में जल संरक्षण को अपना हुआ है। जिसकी बदौलत उन्हें यह अवॉर्ड प्रदान किया गया है।