रेवाड़ी। पांच साल पहले हुए हादसे में एक हाथ गंवाने वाले गांव जलियावास निवासी दिव्यांग खिलाड़ी संजय पहलवान युवाओं के प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। थाईलैंड के बैंकॉक में यूनाइटेड वर्ल्ड स्पोर्ट्स एंड फिटनेस फेडरेशन की ओर से आयोजित वर्ल्ड प्रो पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था।
संजय पहलवान ने बताया कि वर्ष 2020 में रेवाड़ी शहर में नई जिम शुरू करने के लिए कंस्ट्रक्शन चल रहा था। उस समय जिम का शीशा हाथ पर गिर गया जिससे उन्होंने एक हाथ गंवा दिया। हादसे के बाद ऐसा लगा कि अब आगे बढ़ना संभव नहीं है। उस समय उनकी 4 जिम संचालित हो रही थी। हादसे से उभरने में काफी वक्त लग गया।
उसी समय जिम में पावर लिफ्टिंग के खिलाड़ी आते थे, उनको देखकर मन में पावर लिफ्टिंग की प्रेरणा मिली। तब से पावर लिफ्टिंग में हाथ आजमा रहे हैं। वर्ष 2022 से पावर लिफ्टिंग की तैयारी में जुटे हुए हैं। एक साल शॉटपुट भी खेला जिसमें स्टेट लेवल तक प्रदर्शन किया।
थाईलैंड के बैंकॉक में यूनाइटेड वर्ल्ड स्पोर्ट्स एंड फिटनेस फेडरेशन की ओर से आयोजित वर्ल्ड प्रो पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में भाग लिया था। मास्टर्स कैटेगरी 40 प्लस और 100 किलोग्राम वजन वर्ग में उन्होंने 285.5 किलोग्राम वजन उठाकर नया रिकॉर्ड कायम किया। उन्होंने स्ट्रांगमैन की उपाधि प्राप्त की थी। उन्होंने स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। इसमें विभिन्न देशों के 300 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। संजय ने 100 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।
उन्होंने बताया कि उनका सपना आरनोल्ड क्लासिक चैंपियनशिप अमेरिका में खेलना है। इसकी तैयारी में जुटे हुए हैं। यह चैंपियनशिप मार्च 2026 में होनी है।
पावर लिफ्टिंग में उपलब्धियां:
मार्च 2025 में दुबई में हुई पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। 260 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता था। अब खुद का ही रिकॉर्ड ब्रेक करते हुए 282.5 किलोग्राम डेड लिफ्ट लगाकर गोल्ड मेडल जीता है। इससे पहले भी कई चैंपियनशिप में पदक जीते हैं।