प्रशिक्षण में महिलाओं को जानकारी देते वक्ता। स्रोत : संस्था
कोसली। गांव झाल में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से 20 दिवसीय हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन जिला विकास प्रबंधक राजेश गोठवाल और अग्रणी जिला प्रबंधक नवीन चंद पांडे ने दीप जलाकर किया। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
दि लार्ड कृष्णा एजुकेशनल फाउंडेशन के अध्यक्ष रतिराम ने बताया कि आजीविका उद्यम विकास कार्यक्रम के तहत पहले चरण में गांव सुमाखेड़ा में जूट बैग निर्माण के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर शुरू किया गया था और अब दूसरे चरण में हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग प्रशिक्षण की शुरुआत की गई है। यह प्रशिक्षण निशुल्क है।
संस्था अध्यक्ष ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सामने संसाधनों की कमी, घरेलू जिम्मेदारियों और आवागमन की समस्या के कारण रोजगार के अवसर सीमित हैं। ऐसे में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महिलाओं को घर के नजदीक ही कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा।
मुख्य अतिथि राजेश गोठवाल ने कहा कि आज के समय में कौशल आधारित प्रशिक्षण रोजगार का सबसे प्रभावी साधन बन चुका है। उन्होंने कहा कि हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग पारंपरिक कला है जिसकी देश-विदेश में अच्छी मांग है। यदि इसे आधुनिक डिजाइन और बाजार की जरूरतों से जोड़ा जाए तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के बड़े अवसर पैदा कर सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को ब्लॉक डिजाइन, रंगों का चयन, कपड़ों पर प्रिंटिंग, फिनिशिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें नए डिजाइन विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।