नियम 134ए के तहत अपने बच्चों के दाखिले नहीं होने की नाराजगी के चलते जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर अभिभावकों ने बच्चों को शिक्षा का हक दिए जाने की गुहार लगाई। बाद में डीईईओ कपिल पूनिया के व्यवहार से नाराज होकर लोग सचिवालय पहुंचे और वहां डीसी को अलग अलग दो ज्ञापन सौंपे। इनमें एक डीसी को संबोधित है जिसमें डीईईओ के व्यवहार और ड्यूटी में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाते हुए जांच कराने की गुहार लगाई जबकि दूसरा ज्ञापन मुख्यमंत्री के नाम सीटीएम को ज्ञौंपा गया जिसमें उनसे भी डीईईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई।
बता दें कि ढाई दर्जन अभिभावक व बच्चे आज जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंचे और दाखिले के लिए आवाज उठाई। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कपिल पूनिया उस वक्त कार्यालय में मौजूद थे। इनकी आवाज सुनने के बाद वे मुख्य द्वार पर आए और अभिभावकों को मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। अभिभावकों की डीईईओ कपिल पूनिया के साथ करीब बीस मिनट बहस हुई जिसके बाद वहां नाराजगी का माहौल पैदा हो गया और उसकी माहौल में पूनिया वापस कार्यालय परिसर में चले गए। ऐसी स्थिति में अभिभावक वहां से जुलूस की शक्त में पैदल मार्च करते हुए बावल चौक के रास्ते सचिवालय पहुंचे और मुख्य द्वार पर नारेबाजी की।
बाद में पांच लोगों ने डीसी यशेंद्र सिंह से मुलाकात करके उनको एक ज्ञापन सौंपा जिसमें डीईईओ पूनिया के व्यवहार और सरकारी ड्यूटी में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। डीसी ने इस मामले की जांच एडीसी जयदीप कुमार को सौंपते हुए फोन पर जरूरी निर्देश भी दे दिए कि वे तीन दिन में इस मामले की रिपोर्ट डीसी कार्यालय में दें। उधर अभिभावकों ने इस मामले में दूसरा ज्ञापन सीटीएम नगराधीश को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा, जिसमें आज के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए डीईईओ पूनिया के खिलाफ जांच कराने की बात कही गई।
अभिभावकों रवि प्रकाश, बीना, दीपा, बलराम, प्रताप, बिजेंद्र, अनिल कुमार और पवन कुमार आदि का कहना है कि उक्त अधिकारी ने निजी स्कूलों को नोटिस भेजने के बाद अपनी भूमिका सही से नहीं निभाई और नाहक इस मामले को निदेेशालय के संज्ञान में लाने में देरी की इसलिए ये ज्ञापन सौंपे गए हैं। हम अपने बच्चों के दाखिले के लिए सचिवालय से लेकर निजी स्कूल और अपने घर तक दौड़ रहे हैं मगर हमारी घोर अनदेखी हो रही है। शिक्षा विभाग के अधिकारी निजी स्कूलों का पक्ष ले रहे हैं इसलिए दाखिले नहीं हो रहे।
ज्ञापन सौंपना मेरे खिलाफ सोची समझी साजिश है। हमारे कार्यालय से कोई कोताही नहीं बरती गई। विभाग के आदेश अनुसार कदम उठाएंगे।
- कपिल पूनिया, डीईईओ, रेवाड़ी।