संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। दस वर्ष पुराने डीजल व 15 वर्ष पुराने पेट्रोल चालित वाहनों पर एनसीआर में प्रतिबंध है। इसके बाद भी वाहन मालिक ऐसे वाहनों को दूसरे राज्यों के पंजीकरण के आधार पर सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। आरटीए ने कार्रवाई करते हुए ऐसे 25 वाहनों को जब्त किया है।
मुख्यालय के आदेश पर आरटीए कर्मचारियों ने अभियान चलाकर प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की। सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के चलते परिवहन मुख्यालय की ओर से दिवाली से लगभग 10 दिन पहले सभी आरटीए सचिवों को पत्र भेजकर पुराने डीजल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद एनसीआर में ऐसे वाहनों की धरपकड़ चल रही है। आरटीए कर्मचारियों ने एक सप्ताह में प्रदूषण फैलाने वाले 25 वाहनों को जब्त किया। इन वाहनों से लगभग 3 लाख रुपये जुर्माना वसूला गया। दिल्ली- जयपुर नेशनल हाईवे पर प्रदूषण फैलाने वाले हजारों वाहन दौड़ रहे हैं। इनमें से अधिकांश वाहन दूसरे राज्यों से पंजीकृत हैं। एनसीआर में ऐसे वाहनों के संचालन पर पाबंदी है।
आरटीए की ओर से 10 व 15 वर्ष पुराने डीजल व पेट्रोल चालिक वाहनों के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई से ऐसे वाहनों की संख्या में कमी आई है। ऐसे वाहनों में सबसे अधिक पेट्रोलियम पदार्थ और केमिकल्स के टैंकर ज्यादा पकड़े गए हैं। कार्रवाई की जानकारी दूसरे वाहनों के चालकों तक पहुंच जाती है और वे कार्रवाई खत्म होने के बाद ही राजस्थान से हरियाणा में प्रवेश करते हैं।
एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट के हैं ये आदेश
एनजीटी व सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 10 साल पुराने डीजल व 15 साल पुराने पेट्रोल चालित वाहनों के एनसीआर में संचालन पर रोक लगा दी गई है। इन वाहनों को उन राज्यों में चलाया जा सकता है, जो एनसीआर से बाहर आते हैं। वाहन मालिकों ने आदेशों के बाद से अपने वाहनों की आरटीए कार्यालय से एनओसी लेने के बाद उनका दूसरे राज्यों से पंजीकरण कराना शुरू कर दिया था। लगभग 30 फीसदी वाहनों को सीएनजी में परिवर्तित कराते हुए उनके फिटनेस सर्टिफिकेट लिए जा चुके हैं।
कोई वाहन दूसरी बार पकड़ा गया तो पंजीकरण होगा रद्द
दूसरे राज्यों के पंजीकृत वाहनों को पकड़े जाने पर आरटीए सचिव की ओर से जुर्माना लगाया जा रहा है। साथ ही उन वाहनों के चालक से यह शपथ पत्र लिए जा रहे हैं कि वह एनसीआर क्षेत्र में दोबारा प्रवेश नहीं करेंगे। अगर कोई वाहन दूसरी बार पकड़ा जाता है, तो उसका पंजीकरण रद्द करने के लिए संबंधित अथॉरिटी को लिखा जाएगा। जिले में पंजीकृत वाहनों को पकड़े जाने पर एनओसी देकर व जुर्माना लगाकर छोड़ा जा रहा है।
वर्जन:
विभाग की तरफ से लगातार कार्रवाई जारी है काफी वाहनों को जब्त किया जा चुका है, जिन्हें जुर्माना वसूलने के बाद शपथ पत्र लेकर छोड़ा गया है। यह मुहिम लगातार चलती रहेगी। -सुरेंद्र कुमार, सचिव, आरटीए।