बावल। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर वीरवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण की टीम व सीआईडी के साथ मिलकर ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कसा। इस दौरान कुल 12 ओवरलोड वाहनों को जब्त कर उन पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस कार्रवाई के बाद ओवरलोड वाहन चालकों में हड़कंप मच गया।
बड़ी संख्या में निकलते हैं ओवरलोड वाहन
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम को सूचना मिली थी कि राजस्थान की तरफ से रेवाड़ी के रास्ते गुरुग्राम-फरीदाबाद की तरफ बिल्डिंग मटेरियल से लदे ओवरलोड वाहन गुजरते हैं। वीरवार को टीम ने आरटीए व सीआईडी के साथ मिलकर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर चेकिंग की तो 10 ओवरलोड ट्रक व दो ईंटो से भरे ट्रैक्टर पकड़े। यह सभी वाहन राजस्थान की तरफ से आ रहे थे।
सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया
आरटीए विभाग के एमटीओ द्वारका प्रसाद ने बताया कि पकड़े गए वाहनों पर सात लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि वे रोजाना 8 से 10 घंटे ओवरलोड वाहनों की चेकिंग पर लगाते हैं। आगे भी ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
व्हाट्सएप भेज देते हैं लोकेशन
एमटीओ द्वारका प्रसाद ने माना कि ओवरलोडिंग पूरी तरह रुक नहीं पाई है। हालांकि उनकी ओर से निरंतर कार्रवाई जारी है। उन्होंने बताया कि ओवरलोडिंग में शामिल लोगों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हुए हैं। जैसे ही वह जिस एरिया में कार्रवाई के लिए निकलते हैं, तो उनकी लोकेशन व्हाट्सएप के जरिए लीक की जाती है, जिसके बाद ओवरलोड वाहन चालक अपना रास्ता बदल लेते हैं।