हरियाणा के रेवाड़ी में केंद्र सरकार ने माजरा में बनने वाले एम्स के निर्माण के लिए टेंडर को पुन: जारी कर दिया है। पिछले दिनों एम्स का टेंडर रद्द के बाद इसका विरोध शुरू हो गया था। चंडीगढ़ से शनिवार को आए पंचायत एवं विकास विभाग के निदेशक दुष्मंत कुमार ने जिला प्रशासन के अधिकारियों ने माजरा एम्स की जमीन का निरीक्षण किया था। इसके बाद मंत्रालय की ओर से टेंडर फिर से जारी कर दिया गया।
माजरा एम्स के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे लेकिन उसमें शामिल हुईं कंपनियों की तकनीकी खामियों व तय किए गए मापदंडों पर खरा न उतरने के चलते टेंडर दो दिन पूर्व रद्द किया गया था। एम्स संघर्ष समिति के प्रधान श्योताज सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष बाबू कैलाश चंद, प्रवक्ता राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने बताया कि यह जनता के आंदोलन का ही नतीजा है कि सरकार को दोबारा टेंडर जारी करना पड़ा।
अगर आंदोलन नहीं होता तो टेंडर कब जारी होता, यह कहना मुश्किल था। सरकार ने टेंडर को रद्द करके एक सियासी साजिश का जाल बुना था जिसे जनता ने ध्वस्त कर दिया। एम्स संघर्ष समिति 6 नवंबर को बड़ी महिला पंचायत आयोजित करेगी।
वहीं 26 नवम्बर को बाइक रैली निकालकर आगामी 10 दिसंबर को महापंचायत आयोजित की जाएगी। रविवार को 36वें दिन धरना स्थल पर ओमप्रकाश सेन, मास्टर लक्ष्मण सिंह, डॉ. एचडी यादव, बीडी यादव, अमर सिंह, भारत मास्टर, रामस्वरूप, हरी सिंह, पूर्व सरपंच बसदूदा, अत्तर सिंह, फूल सिंह इंस्पेक्टर, सतीश, मूलचंद आर्य, यादराम, सावल राम, नरेंद्र माजरा, कंवल सिंह, राजबीर नंबरदार, बलवंत पंच, भगवान दास, सत्यप्रकाश, कुकू, कांशीराम, महावीर पंच, देसराज, जयदयाल, कर्नल राजेंद्र मौजूद रहे।