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राजस्थान के पानी से रेवाड़ी में बाढ़ जैसे हालात

Sat, 13 Aug 2016 01:12 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
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बारिश से पूरे शहर में पानी भरा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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राजस्थान से आ रहे बरसाती पानी से रेवाड़ी में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं।  पानी तेज बहाव के साथ गांव जाटूवास से होता हुआ परशुराम कॉलोनी तक पहुंच चुका है। कॉलोनी की गलियों से होता हुआ यह पानी नई अनाज मंडी रेलवे स्टेशन के समीप खाली मैदान में भरना शुरू हो गया है। यदि बहाव ऐसा ही रहा तो यह शनिवार सुबह तक सचिवालय तक पहुंच सकता है। गौरतलब है कि 1995 में ही राजस्थान के सिरयानी गांव से आने वाले बरसाती पानी से शहर में बाढ़ जैसे हालात हो चुके हैं।
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जानकारी के अनुसार 1995 में भी इसी रास्ते से शहर में आया था पानी सन 1995 में भी राजस्थान के गांव सिरयाणी से चलकर बरसाती पानी भाड़ावास एवं जाटुवास से होता हुआ शहर में घुस गया था। उस समय रात के समय आए पानी से सचिवालय के आसपास, सेक्टर-1, कंपनी बाग, रामपुरा एवं सर्कुलर रोड पार करके यहां पर बनी दुकानों में भी भर गया था। उस समय के हालातों पर जब लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जब वह सुबह जगे तो पानी उनकी चारपाई के भरा हुआ था। उस समय साबी नदी में पानी चल रहा था।

सिरयानी से साबी नदी तक बनाया था नाला
शहर को बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए राजस्थान के गांव सिरयाणी गांव से लेकर गढ़ी बोलनी रोड स्थित बड़ी नहर तक 45 फीट चौड़ा नाला बनाया गया था। राजस्थान से पानी आने की स्थिति में पानी इस नाले से होकर साबी नदी तक पहुंचाया जाना था। नाले निर्माण कमालपुर डिस्ट्रीब्यूटरी के समांतर 45 फीट चौड़ा एवं बीस फीट गहरा बनाया गया था।
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अंग्रेजो के समय बने 41फीट रास्ते से शहर की ओर बढ़ रहा है पानी
जाटुवास के खेतों में 45 फीट चौड़े नाले को नहर के नीचे से जोड़ा गया है। लकिन जब इसे बनाया गया था तो बंद किया गया था। ग्रामीणों ने बताया कि रेवाड़ी से लेकर जयपुर तक अंग्रेजों ने 41 फीट चौड़ा रास्ता बनाया हुआ था। गांव जाटुवास में कमालपुर डिस्ट्रीब्यूटरी एवं नाले को कट करता हुआ यह अंग्रेजों के समय का रास्ता है। इसी कट से डिस्ट्रीब्यूटरी के नीचे से नाले को जोड़ा गया है। जो कि सिंचाई विभाग द्वारा बंद किया हुआ था,लेकिन अब इसी कट से पानी 41 फीट के रास्ते से होता हुआ शहर की ओर बढ़ रहा है।

ग्रामीणों बोले अधिकारी नहीं उठा रहे हैं फोन
राजस्थान की ओर से आने वाले पानी गांव में नहीं घुसता यदि सिंचाई विभाग ने नाले को समय रहते बंद कर दिया होता। सुबह के समय से ही उपायुक्त एवं एडीसी को फोन कर रहे हैं। किसी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया।
-एडवोकेट अनूप सिंह धनखड़, ग्रामीण जाटूवास
1995 की बाढ़ के बाद गांव एवं शहर को बाढ़ से बचाने के लिए लाखों की लागत से यह नाला खोदा गया था। लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते पानी गांव में घुस गया है। कई जगहों पर तो घरों में दरार तक आ गई है।
-सतीश, ग्रामीण, जाटुवास
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सूचना मिली थी मौके पर एसडीओ एवं जेई को भेज दिया गया है। यदि जरूरत पड़ी तो हम भी मौके पर जाकर स्थिति को ठीक करेंगे। जल्द से जल्द कट बंद कर शहर की ओर आने वाले पानी को रोका जाएगा।
-रमेश कुमार सैनी,एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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दोपहर के समय में मैंने स्वयं जाकर मौके का जायजा लिया था। तब तक ऐसा कुछ नहीं था। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है एवं किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक, रेवाड़ी
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