प्रबंधक थाना जाटूसाना द्वारा बुधवार को गांव जाटूसाना में ट्रिपल मर्डर की झूठी सूचना देने वाले आरोपी को काबू किया गया है। आरोपी की पहचान गांव जाटूसाना निवासी हेमन्त के रूप में हुई है। दरअसल, हेमन्त ने बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में फोन करके कहा था कि उनके गांव में तीन लोगों का मर्डर हो गया है तथा उसे भी कुछ लोग जान से मारने के लिए आए हुए हैं।
इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आस-पास के लोगों से मर्डर के बारे में पूछताछ की तो सूचना झूठी पाई गई। इसके बाद पुलिस टीम हेमन्त के मोबाइल नंबरों के आधार पर जानकारी निकालकर उसके घर पहुंची तो वह सोया हुआ मिला तथा आरोपी किसी नशे के प्रभाव में होना प्रतीत हुआ। थाना जाटूसाना पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ 217 बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। एसपी डॉ मयंक गुप्ता ने जिला पुलिस कप्तान का पद संभालते ही जिले के पुलिस अधिकारियों को ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जो दुर्भावना पूर्ण या आपसी रंजिश का बदला लेने के लिए किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ झूठी शिकायत कर कोई भी आपराधिक मामला दर्ज करवाते हैं।
सजा का प्रावधान:
इस धारा के तहत झूठी शिकायत देने वाले व्यक्ति के लिए सजा का भी प्रावधान किया गया है। इसके तहत ऐसे व्यक्ति को न्यायालय द्वारा एक वर्ष तक का कारावास या दस हजार रुपये जुर्माना या दोनों से दण्डित किया जा सकता है।
रेवाड़ी के चौकी गोकल गेट पुलिस ने नई आबादी निवासी एक व्यक्ति से इन्वेस्टमेंट के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देकर ठगी करने के मामले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान राजस्थान के जिला गंगानगर के सुरजगढ के वार्ड नंबर 4 निवासी कपिल के रूप में हुई हैं। फिलहाल पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।
दरअसल, नई आबादी निवासी कुनाल वर्मा ने अपनी शिकायत में बताया था कि गत वर्ष 30 अगस्त को वह सोशल मीडिया पर ऑनलाइन टास्क के जरिए पैसा कमाने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा था। उससे ऑनलाइन ट्रेडिंग से मोटा मुनाफा कमाने का लालच देते हुए आरोपियों ने पहली बार टॉस्क पूरा करने पर उसके खाते में कुछ पैसे डाल थे। इसके बाद आरोपियों ने इसी प्रकार टॉस्क के नाम पर उससे पैसे डलवाना शुरू कर दिए और उससे कुल 1 लाख 40 हजार रुपये अलग-अलग खातों में डलवा लिए।
जब उसने पैसे निकालने का प्रयास किया तो उससे और पैसे जमा कराने के लिए कहा गया। इसके बाद उसे साइबर ठगी का पता चला। इस पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना शहर रेवाड़ी में ठगी का मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी। जो जांच के दौरान पता लगा कि साइबर ठगी में राजस्थान के जिला गंगानगर के सूरजगढ़ के वार्ड नंबर 4 के रहने वाले कपिल का बैंक खाता भी प्रयोग किया गया था। इस मामले में पुलिस ने संलिप्त आरोपी कपिल को गिरफ्तार कर लिया है।