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Rewari News: गोकशी मामले के आरोपियों की रिमांड चार दिन बढ़ी

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रेवाड़ी। किशनगढ़ बास के रूंध गिदावड़ा में गोकशी और बीफ मंडी चलाने के मामले में पकड़े गए आरोपियों की रिमांड अवधि बढ़ा दी गई है। कोर्ट ने चार आरोपियों की रिमांड अवधि चार दिन बढ़ाई है। 22 नामजद आरोपियों में 9 आरोपी अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। इसमें से कई आरोपी ऐसे हैं जिन पर गो-तस्करी के पांच से सात मामले भी दर्ज हैं। मामले में दो मास्टरमाइंड इकबाल और वारिस अभी तक पकड़े नहीं गए हैं। 9 आरोपियों की रिमांड अवधि भी समाप्त होने वाली है। पुलिस उन्हें भी कोर्ट में पेश कर रिमांड के लिए अपील करेगी। वहीं जब से पुलिस ने मामले में कुछ आरोपियों को पकड़कर पूछताछ शुरू की तो तभी से रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। गो-तस्करों का इतना बड़ा नेटवर्क है कि यह राजस्थान, हरियाणा से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इकबाल और वारिस को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके लिए पुलिस टीम का गठन किया गया है जो लगातार इन दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। संवाद
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पुलिस की जांच में सुस्ती
पुलिसकर्मियों पर जब मिलीभगत के आरोप लगे तो रेंज आईजी ने किशनगढ़बास का पूरा थाना लाइन हाजिर कर आरोपों की विभागीय जांच कोटपूतली एएसपी नेमचंद को दी। अब यह जांच सुस्त गति से चल रही है। पुलिस अधिकारी विभाग में ही कार्यरत कर्मचारियों से पूछताछ नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले में पुलिस कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है उनके बयान करवाए जा रहे हैं, जबकि इस मामले में 38 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर किए गए थे।
रोजाना 20 गाय चढ़ती थीं भेंट
किशनगढ़बास से बिरसंगपुर तक करीब 22 किमी के रास्ते में 50 से ज्यादा मांस-बिरयानी के ठेले-दुकानें लगती थीं। ज्यादातर पर बीफ ही बिकता था। इसी तरह की 300 से ज्यादा दुकानें किशनगढ़बास, तिजारा, रामगढ़ और अलवर के गाजूका तक नजर आती थीं। बाइक सप्लायरों ने व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे, ताकि अनजान लोग नेटवर्क में न घुस सकें। इसी पर ऑर्डर लेकर होम डिलीवरी देते थे। रूंध गिदावड़ा चंबल के बीहड़ों जैसा ऊबड़-खाबड़ और काफी फैला हुआ है। यहां दोपहर 12 से 3 बजे तक मंडी लगती थी। गाय का पूरा मांस बिक जाता था। बाकी अवशेष ट्रैक्टर ड्रिल मशीन गड्ढे खोदकर दवा देते थे। तस्कर 5 हजार में 6 गाय भाड़ा लेते हैं। हर गाय का करीब 160 किलो मांस, खाल, हड्डी बेचकर 30 से 40 हजार रुपये तक कमाते थे। मंडी के लिए रोजाना यहां करीब 20 गायें काटी जाती थीं। रोजाना चार लाख रुपये की कमाई होती थी।
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चार आरोपियों की रिमांड अवधि पूरी हुई थी। कोर्ट ने चारों आरोपियों की रिमांड अवधि चार दिन के लिए बढ़ा दी है।
राजीव, थानाधिकारी, किशनगढ़ बास, राजस्थान
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