संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा एवं सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने बीमा राशि का पूरा भुगतान नहीं करने पर बीमा कंपनी पर 2 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। साथ ही 45 दिन के अंदर शिकायतकर्ता को 30 लाख रुपये की राशि 9% ब्याज के साथ और वाद खर्च के तौर पर 33 हजार रुपये अलग से देने का आदेश दिया है।
राजस्थान के जिला अलवर के गांव नंगली बलाई की रहने वाली उर्मिला रानी ने जिला उपभोक्ता आयोग में 9 जनवरी 2024 को शिकायत दायर की थी। इसमें उन्होंने बताया था कि एसबीआई की काठमंडी शाखा में पति के नाम से खाता खुलवाया था।
इस बैंक खाते के आधार पर ही टाटा एआईजी इंश्योरेंस कंपनी की ओर से उनका टर्म प्लान बीमा किया गया था। उनके पति सुरेंद्र सरकारी नौकरी में थे। उनकी बीमा पॉलिसी 4 जनवरी 2022 से 3 जनवरी 2023 तक वैद्य थी ।
15 अक्तूबर 2022 को सड़क दुर्घटना में उनके पति सुरेंद्र घायल हुए। दो महीने तक उनका अस्पताल में उपचार चला और 18 दिसंबर 2022 को उनका देहांत हो गया। पति 56 साल के थे। उन्होंने बीमा पॉलिसी ली थी। इसके तहत उन्हें 30 लाख रुपये दिया जाना था।
उन्होंने बताया कि पति की मौत होने के बाद उन्होंने बीमा कंपनी से बीमा राशि की मांग की तो कंपनी ने क्लेम देने से मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग की शरण ली। अपने अधिवक्ता के माध्यम सभी दस्तावेज जिला उपभोक्ता आयोग के सामने पेश किया।
बीमा कंपनी की सर्विस में दिख रही कमी : आयोग
इस मामले में जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा एवं सदस्य राजेंद्र प्रसाद ने सभी दस्तावेज एवं गवाही में पाया कि बीमा कंपनी को मृतक की बीमा राशि का लाभ उनके उत्तराधिकारी को देना चाहिए था। बीमा कंपनी ने दस्तावेजों की कमी बताते हुए क्लेम देने से मना कर दिया था। जिला उपभोक्ता आयोग ने कहा कि यह बीमा कंपनी की सर्विस में कमी को दर्शाता है।