कार्यशाला में भाग लेते शिक्षक व विद्यार्थी। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मोबाइल फोन पर लगातार आने वाले नोटिफिकेशन और अत्यधिक स्क्रीन टाइम तनाव व बेचैनी बढ़ा सकते हैं। मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए विद्यार्थियों को डिजिटल व्यवधानों से दूर रहकर अपने समय का बेहतर उपयोग करना चाहिए। ये बातें इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित कार्यशाला में डॉ. अतुल कुमार ने कहीं।
आईजीयू में मनोविज्ञान विभाग की ओर से महिला प्रकोष्ठ और महाराजा अग्रसेन चेयर के सहयोग से डिजिटल युग में मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कुलपति प्रो. असीम मिगलानी के मार्गदर्शन में हुई कार्यशाला की अध्यक्षता कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने की।
हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट के डॉ. अतुल कुमार और डॉ. रुचिका यादव ने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया। मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मंजू पुरी ने अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत किया।
कुलसचिव प्रो. दिलबाग सिंह ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं और चिंताएं शिक्षकों के साथ साझा करनी चाहिए, ताकि समय पर उचित सहयोग मिल सके।
डॉ. रुचिका यादव ने विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक संतुलन का महत्व समझाया। दोनों विशेषज्ञों ने ध्यान और मेडिटेशन का अभ्यास भी करवाया।
कार्यशाला में महिला प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. रश्मि पुंडीर सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक मौजूद रहे। डॉ. संदीप ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि मंच संचालन कनक और पारुल यादव ने किया।