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Rewari News: बावल में 7ए लागू होते ही रियल एस्टेट में मची हलचल

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सोनू सैनी
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बावल। कस्बे और आसपास के कई गांवों में 7ए लागू होते ही रियल एस्टेट में हलचल मच गई है। कुछ समय पहले तक आसमान छू रही जमीनों के दाम अचानक नीचे आने लगे हैं। जैसे ही नियंत्रित क्षेत्र लागू होने की जानकारी आई, प्रॉपर्टी कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
नियंत्रित क्षेत्र घोषित होते ही भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्लॉट और जमीन खरीद–फरोख्त से जुड़े लोगों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो गया है। तिहाड़ा–नेहचाना रोड सहित कई स्थानों पर बने प्रॉपर्टी कार्यालयों में सन्नाटा नजर आ रहा है।
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पिछले करीब सात वर्षों में बावल व आसपास के गांव प्रॉपर्टी कारोबारियों की पहली पसंद बने हुए थे। गुरुग्राम, पटौदी, रेवाड़ी और मानेसर के डीलरों ने भी करोड़ों रुपये यहां निवेश किए थे जो अब फंसने की स्थिति में हैं।
मानेसर, रेवाड़ी और धारूहेड़ा के बाद बावल लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा था। इसी कारण जमीन, प्लॉट और दुकानों की खरीद-फरोख्त करने वाले डीलरों का रुझान बावल और आसपास के गांवों में तेजी से बढ़ा है। कई लोगों ने सरकार के नए फैसले का स्वागत भी किया है।


अवैध प्लॉटिंग व निर्माण नहीं रुक रहे थे
डीटीपी विभाग की लगातार कार्रवाई के बाद भी अवैध प्लॉटिंग व निर्माण रुक नहीं रहे थे। बीते दिनों डीटीपी अधिकारियों को कार्रवाई से रोकने और घेरने की घटनाओं के बाद सरकार सख्त हुई और बावल विधानसभा क्षेत्र के लगभग 68 गांवों को नियंत्रित क्षेत्र घोषित कर दिया। प्रशासन पर लग रहे लगातार भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सरकार ने कागजरहित (पेपरलेस) रजिस्ट्री प्रक्रिया भी शुरू की है जिससे प्रॉपर्टी लेन-देन की रफ्तार धीमी पड़ गई है।

किसान नेता बोले- नियंत्रित क्षेत्र से किसानों को होगा नुकसान
हलका अध्यक्ष (भाकियू) किसान नेता महेंद्र सिंह ने बताया कि नियंत्रित क्षेत्र बनने से किसानों पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि किसान जरूरत के समय जमीन का छोटा टुकड़ा बेचकर अपने खर्च पूरे कर लेते हैं। अब उस पर रोक लगने से किसानों को परेशानी होगी। प्रॉपर्टी डीलर ही किसानों को जमीन के सही दाम देते हैं। अब जब उनका काम ही खत्म हो जाएगा तो किसानों को भी नुकसान हो सकता है।

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गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ेगा
किसान हुक्म सिंह ने बताया कि इस नए नियम से किसानों को भारी नुकसान होगा। शादी विवाह या अन्य जरूरतों के लिए किसान अक्सर जमीन का एक छोटा हिस्सा बेचकर अपनी आवश्यकताएं पूरी करते थे, लेकिन अब नए कानून के कारण यह प्रक्रिया रूक गई है और उन्हें गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

जमीन के खरीदार कम होंगे
चुन्नीलाल मीणा ने बताया कि किसान को नुकसान होगा। गरीब लोगों का घर खरीदने का सपना कैसे पूरा होगा। किसान को जमीन के भाव प्रॉपर्टी डीलर ही अच्छे देते हैं, उनका झुकाव नहीं होगा तो किसान को नुकसान होगा। जमीन के खरीदार कम होंगे।
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गरीबों के हित में फैसला : नपा उपप्रधान
नगरपालिका उपप्रधान अर्जुन चौकन ने फैसले को गरीब हितैषी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का यह सराहनीय फैसला है। गरीब लोगों के अवैध आशियाने नहीं टूटेंगे। दीनदयाल आवासीय योजना के तहत गरीबों के घर खरीदने के सपने साकार होंगे।
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