रेवाड़ी। शहर के पार्कों की हालत बदहाल हैं। नगर परिषद के अधीन में आने वाले अधिकतर पार्कों में उचित व्यवस्था न होने के कारण यहां आने-जाने लोगों को असुविधा हो रही है। शहर के नाईवाली चौक के समीप बना राव तुलाराम पार्क शहर के सबसे पुराने पार्कों में से एक है। फिलहाल इस पार्क की स्थिति बहुत ही दयनीय हो चुकी है।
राव तुलाराम पार्क शहर के सबसे बड़े पार्कों में से एक भी है। इसका जिम्मा नगर परिषद के पास है। लोगों की सुविधा के लिए यह पार्क बनाया गया था, ताकि बुजुर्ग यहां टहल सकें तो बच्चे यहां पर खेल सकें। पार्क की व्यवस्था इस कदर खराब है कि पार्क ही नहीं कहा जा सकता। यहां पर सफाई के नाम पर कोई भी कर्मचारी नहीं आता, जिससे गंदगी का अंबार लगा रहता है। इस पार्क में वैसे तो कई तरह-तरह के फूल तथा पौधे लगा रखे हैं, लेकिन सफाई न होने के कारण यहां की सुंदरता कम हो जाती है। इस पार्क में महीनों से कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं आया है और गंदगी के बड़े-बड़े ढेर हो गए हैं। पार्क में रेलवे लाइन तरफ बड़ी बड़ी झाड़ियां खड़ी हुई हैं, जिसकी वजह से लोगों उस तरफ जाने से डर लगता है। वहीं कई जगह घास पूरी तरह से गायब हो चुकी है। पार्क में फैली गंदगी के कारण यहां आने- जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग सुबह शाम पार्क में घूमने के लिए जाते हैं, लेकिन यहां फैली गंदगी के कारण वे लौट जाते हैं।
लाखों रुपये का बजट फिर भी पार्क बदहाल
पार्कों के सुंदरीकरण के लिए नगर परिषद की ओर से करीब 30 लाख रुपये का टेंडर जारी कर एक ठेकेदार का शहर के पार्कों का रखरखाव का जिम्मा दिया गया था। इसके बावजूद भी पार्कों का सुंदरीकरण नहीं हो सका है। तमाम बीमारियों से बचने के लिए चिकित्सक सभी को सुबह शाम को घूमने की सलाह देते हैं, ताकि स्वस्थ रह सकें। शहर में घूमने के लिए पार्क होने चाहिए, जिससे लोगों को ताजी ऑक्सीजन युक्त हवा मिल सके। लेकिन यहां के पार्कों की तो हालत ऐसी है कि लोगों को इसके अंदर जाने से भी डर लगता है। क्योंकि न तो पार्क में घास की कटाई-छंटाई होती है और न ही साफ-सफाई। पार्कों का कॉलोनी के लोगों को किसी तरह का फायदा नहीं मिल पा रहा है।
पार्क में रहता है नशेड़ियों का जमावड़ा:
पार्क में लाइट नहीं होने के कारण शाम होते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। इसलिए महिलाएं इस पार्क में जाने से भी परहेज करने लगी हैं। यदि किसी ने विरोध किया तो वे मारपीट पर भी उतारू हो जाते हैं। वहीं कई बार शाम के समय इस पार्क में असामाजिक तत्व मौका पाकर चेन व मोबाइल छीनने की वारदात भी कर चुके हैं। इस वजह से पार्क जाने से भी महिलाएं कतराने लगी हैं। इसकी जानकारी पुलिस प्रशासन व जनप्रतिनिधि को भी है, लेकिन इस समस्या पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नगर परिषद रेवाड़ी की चेयरपर्सन पूनम यादव ने कहा कि पहले वाला ठेकेदार काम नहीं कर रहा है, इसके चलते पार्कों की हालत खराब है। अगले सप्ताह टेंडर जारी कर दिया जाएगा। इस बार एक ठेकेदार की बजाय सेक्टर-1, 3 व 4 के अलावा रावतुलाराम व सुभाष पार्क के लिए अलग-अलग चार टेंडर दिए जाएंगे। सेक्टर-1 के टेंडर में नेहरू पार्क भी शामिल किया जाएगा।