रेवाड़ी। कोर्ट परिसर में दिव्यांगजनों के लिए रैंप, व्हीलचेयर के लिए प्रवेश मार्ग, विशेष हैंडरेल आदि की व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षित फर्श, संकेतक बोर्ड समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इससे कोर्ट में आने वाले दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को काफी सहूलियत होगी। इसका टेंडर जारी कर दिया गया है। इस परियोजना पर 76.46 लाख रुपये खर्च होंगे।
कोर्ट कॉम्प्लेक्स में दिव्यांगजनों के लिए विशेष एक्सेस सुविधा विकसित करने का उद्देश्य शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति को सुविधाएं मुहैया कराना है जिससे कि दिव्यांगजन और शारीरिक रूप से अक्षम लोग बिना सहारा लिए खुद न्यायालय परिसर में पहुंच सकें। टेंडर के आवेदन की अंतिम तिथि 7 फरवरी निर्धारित की गई है।
न्यायिक परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में वादकारी, अधिवक्ता और आम नागरिक पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग और दिव्यांग भी शामिल होते हैं, जिन्हें सीढ़ियों, संकरे रास्तों के चलते परेशानी होती है।
कई बार व्हीलचेयर पर आने वाले दिव्यांगों को दूसरों की मदद लेनी पड़ती है। परियोजना में इन सभी बातों का ध्यान रखा जाएगा। इससे दिव्यांगों, बुजुर्गों और अस्वस्थ व्यक्तियों को सुविधा होगी।
अधिकारियों का कहना है कि प्रयास है कि न्यायिक संस्थानों को दिव्यांगों के अनुकूल बनाया जाए, ताकि उन्हें समान अधिकार और सम्मान के साथ सुविधाएं मिल सकें।
न्यायिक कोर्ट परिसर में बुजुर्ग और दिव्यांगजन भी पहुंचते हैं। कोर्ट परिसर की संरचना को दिव्यांगों के अनुकूल बनाने की जरूरत है। कई भवनों में सीढ़ियां अधिक हैं, रैंप का अभाव है और व्हीलचेयर से आवाजाही मुश्किल है। ऐसे में दिव्यांगों को दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता है।
-
दिव्यांगों के लिए सुविधाएं जरूरी : अश्वनी
वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी तिवारी ने बताया कि सुनवाई के लिए आने वाले दिव्यांगजनों को सुविधाओं के अभाव में परेशानी झेलनी पड़ती है। वे खुद अदालत कक्ष तक नहीं पहुंच पाते है। इससे न केवल उन्हें शारीरिक कष्ट होता है बल्कि मानसिक दबाव भी बढ़ता है। रोजाना 200 से अधिक दिव्यांग व बुजुर्ग यहां आते हैं। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 और सुगम्य भारत अभियान के तहत सभी सार्वजनिक भवनों को दिव्यांगों के लिए सुलभ बनाना अनिवार्य है। प्रशासन ने न्यायिक परिसर में आवश्यक सुधार कार्य कराने का निर्णय लिया है।
वर्जन
कोर्ट कॉम्प्लेक्स में दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा मुहैया कराने के लिए टेंडर जारी किया गया है। इस परियोजना पर 76.46 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत दिव्यांगजनों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कोर्ट परिसर में आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।-सत्येंद्र, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।