राजीव गांधी खेल स्टेडियम की बदहाल दशा। संवाद
रेवाड़ी। जिले के विभिन्न राजीव गांधी खेल स्टेडियमों की स्थिति काफी खराब हो चुकी है लेकिन अब इनकी दशा सुधारने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए जल्द ही आवश्यक बजट जारी होने वाला है। लंबे समय से इन खेल परिसरों की मरम्मत व देखरेख न होने के कारण खिलाड़ी असुविधा का सामना कर रहे हैं।
राजीव गांधी खेल स्टेडियम में एथलेटिक ट्रैक जगह-जगह से टूट चुके हैं। वहीं खेल भवन की खिड़कियां टूटी हुई हैं। मैदान में झाड़ियां उग आई हैं जिससे खिलाड़ियों को अभ्यास में परेशानी हो रही है। गुरावड़ा, आशियाकी पांचौर, मनेठी और कोसली के राजीव गांधी खेल परिसरों की स्थिति ठीक होगी है।
अधिकतरों में पानी की सुविधा के लिए बोरवेल तक नहीं है और एथलेटिक ट्रैक भी असमतल है। फुटबॉल व वालीबॉल के मैदानों की हालत भी खराब है।कोसली खेल परिसर में भी झाड़-झंखाड़ फैले हुए हैं और नियमित देखरेख नहीं हो रही।
खिलाड़ियों का कहना है कि अगर खेल परिसरों की मरम्मत समय रहते कर दी जाए तो स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
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वर्जन:
बजट मिलते ही खेल परिसरों की मरम्मत का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। इस पर कार्य प्रगति पर है। -ममता देवी, कार्यवाहक जिला खेल अधिकारी।