फोटो : 15स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ सतीश खोला को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते डीएससी समाज के प्
रेवाड़ी। डीएससी (डिफरेंशिएटेड स्केड्यूल्ड कास्ट) समाज के प्रतिनिधियों ने सरकार की ओर से अनुसूचित जातियों के वर्गीकरण के तहत प्रदान किए गए विशेष लाभ के लिए हरियाणा सरकार का धन्यवाद किया है।
डीएससी समाज के लोगों ने स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इस वर्ग में हो रही अनियमितताओं पर गहरी आपत्ति जताई। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कुछ अन्य जातियों के लोग अपने जातिगत प्रमाणपत्रों में मेघवाल दर्ज करवा कर डीएससी वर्ग का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
समस्त समाज ने परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला को मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन पर ताराचंद कोली, देशराज डाबला, रूपेश खरेरा, दिनेश कुमार, दिलीप सिंह, प्रीतम सिंह, तिलक, सुरेंद्र कुमार, विनोद कुमार समेत दर्जनों समाज के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए।
डीएससी समाज के प्रतिनिधियों की मुख्य मांगें
मेघवाल व कबीरपंथी शब्दों को डीएससी वर्ग की सूची से हटाया जाए। जो लोग अपनी असली जाति को छिपाकर डीएससी प्रमाणपत्र बनवा चुके हैं उनके प्रमाणपत्र रद्द किए जाएं। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। कबीरपंथी शब्द को जाति के रूप में प्रयोग करने पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से स्पष्ट परिभाषा जारी की जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि इन गड़बड़ियों को रोकने के लिए परिवार पहचान पत्र और जाति प्रमाणपत्रों की विशेष जांच की जाए ताकि वास्तविक डीएससी वर्ग के लोगों के अधिकार सुरक्षित रह सकें। डीएससी समाज ने आशा जताई है कि हरियाणा सरकार इस विषय में जल्द से जल्द कार्रवाई करेगी और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करेगी।