रेवाड़ी। जिले में वीरवार को हुई बारिश के बाद तापमान गिरने से ठंड ने दस्तक दे दी है। सुबह से शाम पांच बजे तक रुक-रुक कर बारिश हुई। इसके बाद अच्छी बारिश होने से शहर की सड़कों पर घुटने भर पानी भर गया। इससे आवागमन में राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हुई।
बारिश से शहर के सर्कुलर रोड, बावल रोड, दिल्ली रोड और मॉडल टाउन सहित कई स्थानों पर पानी भरने से वाहन चालकों और राहगीरों को दिक्कत हुई। वहीं, ठंडी हवाएं चलने से मौसम में ठंडक बढ़ गई। जिले में औसतन 18 एमएम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान तेज बिजली भी कई बार चमकी।
बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। वीरवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
बुधवार को अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस तरह अधिकतम तापमान में 5.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
मौसम में आए बदलाव के बाद सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है। ठंडी हवाओं और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन सड़कों पर जमा पानी के कारण परेशानी भी बढ़ी।
31 अक्तूबर तक बूंदाबांदी के आसार
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि 31 अक्तूबर तक जिले में मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हवा और गरज-चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, एक-दो स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। मौसम में बदलाव का कारण हवाओं की दिशा में परिवर्तन और बंगाल की खाड़ी की ओर से नमी आने की संभावना को माना जा रहा है। हवाओं की दिशा उत्तर-पश्चिमी से उत्तर-पूर्वी होने के कारण वातावरण में नमी बढ़ सकती है। इस दौरान बीच-बीच में मध्यम से तेज गति से हवाएं चलने का अनुमान है। बादल छाने और बारिश होने से दिन के तापमान में हल्की गिरावट आ सकती है, जबकि रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम के इस बदलाव के चलते अगले कुछ दिनों तक लोगों को सुबह और शाम के समय ठंडक महसूस हो सकती है।
तापमान में उतार-चढ़ाव के समय स्वास्थ्य का रखें ध्यान: डॉ. गौरव
फिजिशियन डॉ. गौरव ने बताया कि बारिश के बाद तापमान में उतार-चढ़ाव और ठंडी हवाओं के चलते स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम में बदलाव के दौरान सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को ठंड से बचाव करना चाहिए और सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने चाहिए। बारिश में भीगने से बचें और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। खानपान में ताजा व स्वच्छ भोजन लें तथा पर्याप्त पानी पीते रहें। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से परामर्श लें।
बारिश के बाद शहर में हुआ जलभराव, जाली हटाते कर्मचारी। संवाद
बारिश के बाद शहर में हुआ जलभराव, जाली हटाते कर्मचारी। संवाद