करवाचौथ की सामूहिक रूप से कहानी सुनतीं एलिगेंट हाइट्स की महिलाएं। संवाद
रेवाड़ी। बारिश के बीच चांद ने करवाचौथ व्रत धारण करने वाली सुहागिन महिलाओं के धैर्य की परीक्षा ली। लंबे इंतजार के बाद जब चांद निकला तो सुहागिनों ने पूजा की और छलनी से चांद का दीदार कर पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोला। महिलाओं ने पति के दीर्घायु की कामना की।
सुहागिन महिलाओं ने अपने पतियों की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ दिनभर निर्जला व्रत रखा। हालांकि, दिनभर बदले मौसम और रात के समय भी बारिश जारी रहने से व्रत रखने वाली महिलाओं को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद महिलाओं के उत्साह और आस्था में कमी नहीं आई। देर रात तक महिलाओं ने चांद के दीदार और पूजा-अर्चना के बाद अपना व्रत खोला।
करवाचौथ को लेकर महिलाओं में सुबह से ही उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार व्रत रखा और शाम को सोलह शृंगार कर पूजा की तैयारियां कीं।
इस दौरान महिलाओं ने करवा चौथ की कथा सुनी और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नवविवाहित महिलाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह रहा। कई महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों और आभूषणों से सजकर पर्व की खुशियां मनाईं।
करवाचौथ की सामूहिक रूप से कहानी सुनतीं एलिगेंट हाइट्स की महिलाएं। संवाद
करवाचौथ की सामूहिक रूप से कहानी सुनतीं एलिगेंट हाइट्स की महिलाएं। संवाद
करवाचौथ की सामूहिक रूप से कहानी सुनतीं एलिगेंट हाइट्स की महिलाएं। संवाद
करवाचौथ की सामूहिक रूप से कहानी सुनतीं एलिगेंट हाइट्स की महिलाएं। संवाद