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Rewari News: बारिश-ओलावृष्टि से 30 फीसदी फसल प्रभावित, पोल टूटने से बिजली रही गुल

Fri, 20 Mar 2026 12:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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सेक्टर एक में टूटी पेड़ की टहनियां। संवाद
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रेवाड़ी। जिले में बुधवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की करीब 30 प्रतिशत फसल प्रभावित हुई है। करीब 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। वीरवार को दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। दो दिनों में करीब 15 एमएम बारिश हुई।
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इस समय गेहूं और सरसों की फसल पकने की अवस्था में है। ऐसे में तेज बारिश और ओलावृष्टि से दानों की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
बारिश और तेज हवाओं का असर बिजली व्यवस्था पर भी देखने को मिला। बुधवार को आंधी के कारण 40 से अधिक बिजली के पोल टूट गए थे, जबकि दो ट्रांसफॉर्मर भी खराब हो गए। 20 से ज्यादा पेड़ भी उखड़ गए।
हालांकि निगम की ओर से तेजी से काम करते हुए अधिकांश क्षेत्रों में रात तक बिजली बहाल कर दी गई लेकिन कई इलाकों में वीरवार सुबह तक आपूर्ति बाधित रही। कोहारड गांव में महावीर के घर मकान पर बिजली गिरने से नुकसान हुआ है। हालांकि, जानमाल की हानि नहीं हुई है। उस वक्त सभी लोग घर से बाहर थे।
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सड़कों पर जलभराव से आवागमन प्रभावितरेवाड़ी। जिले में बारिश के चलते वीरवार को शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। कोर्ट रोड, दिल्ली रोड, बावल रोड, सर्कुलर रोड और अनाज मंडी मार्ग पर जगह-जगह पानी भर गया जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम में आए बदलाव से तापमान में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री और न्यूनतम 16.5 डिग्री रहा, जबकि एक दिन पहले अधिकतम तापमान 34 डिग्री था। इस प्रकार अधिकतम तापमान में करीब साढ़े 9 डिग्री की गिरावट आई है। ठंडी हवाओं के कारण रात के समय ठंड का एहसास भी बढ़ गया है। दिनभर कभी धूप तो कभी बादल छाए रहने के साथ बीच-बीच में बारिश का दौर जारी रहा। वहीं वायु गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिला है। जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स 116 दर्ज किया गया, जो कि मध्यम श्रेणी में आता है। एक दिन पहले यह 259 था, जो खराब श्रेणी में था।

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किसानों को मुआवजा देने की मांग

बारिश से फसल को हुए नुकसान पर एसयूसीआई कम्युनिस्ट ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। राज्य सचिव राजेंद्र सिंह ने विशेष गिरदावरी कर तुरंत भरपाई करने की बात कही। किसान नेता होशियार सिंह बिट्टू ने भी कहा कि खेतों व मंडियों में पड़ी सरसों भीगने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसका उचित मुआवजा मिलना चाहिए। वहीं, बारिश के बाद मंडी में महिलाएं पानी से छलनी की मदद से सरसों निकालती दिखीं। हालात इतने खराब थे कि सरसों बहकर सड़कों पर तैर गई और वाहनों के टायरों के नीचे आकर पिस गई।

सेक्टर एक में टूटी पेड़ की टहनियां। संवाद

सेक्टर एक में टूटी पेड़ की टहनियां। संवाद

सेक्टर एक में टूटी पेड़ की टहनियां। संवाद

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