धारूहेड़ा। मसानी बैराज एवं साहबी नदी के संरक्षण और मसानी बैराज के प्रदूषित पानी के उपचार की मांग को लेकर रविवार की सुबह जनचेतना पदयात्रा निकाली गई। सेवानिवृत्त रेंज अधिकारी कमल सिंह यादव के नेतृत्व में गांव जीतपुरा से यात्रा का शुभारंभ हुआ।
ओम शांति संगठन की ओर से कमलेश और अन्य गणमान्य लोगों ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर करीब 20 गांवों के लोग उपस्थित रहे।
पदयात्रा गांव तितरपुर होते गांव मसानी पहुंची। यहां सरपंच संजू, पूर्व सरपंच लालाराम, राय सिंह लंबरदार और करण सिंह यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने यात्रा का स्वागत किया। ग्रामीणों ने अपने गांव में यात्रा को घुमाया और अभियान को तन, मन और धन से सहयोग देने का संकल्प लिया।
यात्रा आगे बढ़ते हुए रसगन, डूंगरवास, निखरी, निगानियावास और रालियावास गांवों में पहुंची। प्रत्येक गांव में सरपंचों, पूर्व सरपंचों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यात्रियों का स्वागत किया। कहीं नींबू पानी और शिकंजी की व्यवस्था की गई तो कहीं जलपान कराया गया।
ग्रामीणों ने साहबी नदी और मसानी बैराज के संरक्षण को जनहित का मुद्दा बताते हुए अभियान को निरंतर समर्थन देने की बात कही। गांव डूंगरवास में सरपंच विपिन और पूर्व सरपंच नवल सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने स्वागत किया।
निखरी में सरपंच सुनील यादव, धर्मपाल, निरंजन सिंह और अजीत कुमार ने ग्रामीणों के साथ पदयात्रा में भाग लिया। निगानियावास में सरपंच प्रतिनिधि देशराज और अन्य ग्रामीणों ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।
रालियावास और पचगांव में भी ग्रामीणों ने यात्रा का स्वागत किया। यहां वक्ताओं ने कहा कि जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। इसके बाद यात्रा जड़थल गांव पहुंची, जहां ब्लॉक समिति सदस्य अभिषेक शर्मा, पूर्व सरपंच लालचंद और अन्य ग्रामीणों ने स्वागत किया।
तीन जून को होगी बैठक
यात्रा का समापन जड़थल स्थित माता देवी मंदिर प्रांगण में सभा के साथ हुआ। सभा में महिपाल फदनी, राजबाला, अभय सिंह फिदेड़ी, धीर सिंह, विकास यादव, वैभव यादव, अनिल ने साहबी नदी और मसानी बैराज को बचाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। आयोजकों ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। जनचेतना यात्रा का दूसरा चरण जल्द शुरू किया जाएगा। इसके लिए बुधवार को पंचायत घर मसानी में बैठक कर रणनीति तैयार की जाएगी।