गांव सीहा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत 11 अध्यापकों और प्राचार्य का ऑनलाइन नीति शुरू होते ही तबादला कर दिए जाने से गुस्साए विद्यार्थियों ने पहले स्कूल के गेट पर ताला लगा दिया और उसके बाद रेवाड़ी-महेन्द्रगढ़ मार्ग के अलावा महेंद्रगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना के बाद पुलिस के साथ-साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, लेकिन विद्यार्थियों ने उनकी एक नहीं सुनी। करीब 2 घंटे बाद स्कूल के प्राचार्य पहुंचे तो बच्चों ने उनकी बात मान ली और जाम खोल दिया गया, जिससे यातायात सुचारु हो पाया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सीहा की छात्रा नीतू, किरन, हीना, भारती, आरजू, मुस्कान, रेणु, योगेश, देवेन्द्र, निकिता आदि ने बताया कि तीन दिन पूर्व स्कूल से 11 अध्यापकों व प्राचार्य का तबादला शिक्षा विभाग द्वारा किया गया। अध्यापकों व प्राचार्य ओमप्रकाश यादव के तबादले को लेकर विद्यार्थियों में भारी रोष उत्पन्न हो गया। विद्यार्थियों ने शिक्षा मंत्री के नाम लिखे पत्र पर विद्यार्थियों व ग्रामीणों के हस्ताक्षर करवाए। बुधवार सुबह सभी विद्यार्थी एकत्रित हुए और स्कूल के मुख्य गेट के पास पहुंच गए। विद्यार्थियों ने गेट पर ताला लगा कर दो घंटे तक हंगामा किया। साथ ही प्रशासन से मांग की कि जिन अध्यापकों के स्कूल से तबादले हुए उन्हें वापस दोबारा लाया जाए। विद्यार्थियों का कहना था कि प्राचार्या ओमप्रकाश यादव बहुत ही मेहनती व अच्छी शिक्षा देने वाले अध्यापक थे, उनका तबादला कर दिया गया है, जो बच्चों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है। प्राचार्य ओमप्रकाश यादव जब तक दोबारा यहां नहीं आ जाते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन की सूचना पाते ही स्कूल स्टाफ भी मौके पर पहुंचा, लेकिन विद्यार्थियों ने अध्यापकों की एक नहीं सुनी।
छात्राओं का कहना था कि प्रदेश सरकार को तबादला ही करना ही था परीक्षाओं के बाद करते। अब बीच सेशन में अध्यापकों को तबादला कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। विद्यार्थियों ने स्कूल के गेट पर धरना-प्रदर्शन के साथ-साथ सड़क मार्ग भी जाम कर दिया। जाम की सूचना पाकर डहीना पुलिस चौकी के प्रभारी बहादुर सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
बाद में खंड शिक्षा अधिकारी खोल डॉ. खुशीराम मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों से कहा कि अध्यापकों के तबादले की प्रकिया शिक्षा विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के द्वारा हुई है, अब वे वापस नहीं आ सकते। फिर भी उनकी मांग को उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा, लेकिन छात्राएं नहीं मानी। बता दें कि सीहा के राजकीय स्कूल से 11 अध्यापकों को तबादला हुआ। उनके स्थान पर 8 अध्यापकों ने स्कूल में ज्वाइन भी कर लिया है। जबकि 3 अध्यापकों की पोस्ट खत्म कर दी गई है। पहले स्कूल में अंग्रेजी, गणित व हिन्दी के दो-दो अध्यापक थे, लेकिन अब इनकी संख्या घटाकर एक-एक कर दी गई है। स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक करीब 400 विद्यार्थी है।
दो सड़कों पर घंटों तक लगाए रखा जाम
सुबह करीब 9 बजे विद्यार्थियों ने राजकीय स्कूल सीहा के मुख्य द्वार के सामने लुहाना-सीहा सड़क मार्ग जाम कर दिया। विद्यार्थी सड़क के बीचों बीच बैठ गए। दो घंटे तक विद्यार्थी सड़क पर बैठे रहे, लेकिन विद्यार्थियों ने किसी एक नहीं सुनी और नारे लगाते हुए एक किलोमीटर दूर पैदल चलते हुए सीहा बस स्टैंड पहुंच गए। करीब 11 बजे सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों ने मसीत फाटक व रेवाड़ी-कनीना सड़क के मार्ग के बीचों बीच बैठ कर जाम लगा दिया। सड़क जाम होने से वाहन चालकों को परेशानियों को सामना करना पडा। बाद में जिला शिक्षा अधिकारी को इसकी सूचना दी गई। जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी रामकंवार फलसवास ने विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विद्यार्थी समझने को तैयार नहीं थे।
इसी बीच प्राचार्य ओमप्रकाश यादव मौके पर पहुंचे और उन्होंने विद्यार्थियों को समझाने का प्रयास किया। विद्यार्थियों ने उनकी बात को मानते हुए रेवाड़ी-कनीना सड़क मार्ग खोल दिया, लेकिन अपनी मांग पर अड़े रहे।
विद्यार्थियों की मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा। नई तबादला नीति के तहत यह हुआ है। इसमें कुछ नहीं किया जा सकता है। हम पूरी तरह बच्चों की शिक्षा प्रभावित न हो इस तरफ ध्यान दे रहे है।
- रामकुवार फलसवाल, डीईओ, रेवाड़ी।