पीपीपी कैंप का लाभ उठाते लोग। स्रोत : प्रवक्ता
रेवाड़ी। हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) योजना ने जनकल्याण में कई कार्य किए हैं। पीपीपी स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि यह मॉडल अब देश के अन्य प्रदेशों के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बन चुका है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे कई राज्य अब हरियाणा का अनुकरण करते हुए अपनी योजनाओं को डिजिटल पहचान से जोड़ने की प्रक्रिया में हैं।
बताया कि फैमिली आईडी की सफलता का प्रत्यक्ष उदाहरण जिले के खरखड़ा गांव में देखने को मिला, जहां सरपंच सुनीता यादव के नेतृत्व में विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में करीब 500 ग्रामीणों ने भाग लिया और फैमिली आईडी से जुड़ी समस्याओं का समाधान करवाया तथा नई योजनाओं की जानकारी ली।
पीपीपी डाटा के अनुसार धारूहेड़ा क्षेत्र की जनसंख्या लगभग 35 हजार है, जिसमें से बड़ी संख्या में नागरिक योजनाओं से लाभान्वित हो चुके हैं। यह सब कुछ डिजिटल पारदर्शिता और प्रशासनिक इच्छाशक्ति का परिणाम है।
कार्यक्रम में विकास यादव, बीर सिंह खोला, जगदीश प्रधान, मोहनलाल यादव, शिव कुमार पंच, अनिल पंच, नरेंद्र यादव, महेंद्र, नरेंद्र, भोपाल, राम दीप, ज्योति पंच, अनीता पंच, शोभा पंच, सोमवती पंच समेत अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।