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Rewari News: दिव्यांगता को मात देकर पूजा ने देश के लिए जीते मेडल

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फोटो: 10रेवाड़ी। अंतर्राष्ट्रीय पैरा बो​शिया ​खिलाड़ी पूजा गुप्ता को सम्मानित करते मुख्यमंत्र
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विशाल जैमिनी
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रेवाड़ी। शहर के मोहल्ला नई आबादी की रहने वाली पूजा गुप्ता का जीवन चुनौती भरा रहा है। उनका जन्म 1990 में एक साधारण परिवार में हुआ था। वह बचपन से 100 प्रतिशत दिव्यांग है। पढ़ाई में होशियार होने से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने तक, उनकी जिंदगी संघर्ष, जीत और प्रेरणा से भरी है। उन्होंने राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैरा बोशिया गेम्स में कई मेडल जीते हैं।
साथ ही अच्छी पढ़ लिखकर आज वह पंजाब नेशनल बैंक में मुख्य प्रबंधक पद पर कार्यरत हैं। इतनी सारी उपलब्धियों के बाद भी पूजा ने रुकने का नाम नहीं लिया है। उनका अगला लक्ष्य पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। हाल ही में चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूजा गुप्ता को सम्मानित करने के साथ-साथ जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है।
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शिशु शाला स्कूल से शुरू की शिक्षा प्रारंभ
उन्होंने अपनी पढ़ाई शिशु शाला स्कूल से शुरू की और आगे की शिक्षा स्वामी उमा भारती पब्लिक स्कूल से पूरी की। कॉमर्स की पढ़ाई के लिए उन्होंने अहीर कॉलेज में दाखिला लिया, जहां उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन की पढ़ाई शानदार अंकों के साथ पूरी की। उन्होंने यूजीसी-नीट और जेआरएफ परीक्षा भी पास की। साल 2014 में, पूजा ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में प्रोबेशनरी ऑफिसर के रूप में काम शुरू किया और आज मुख्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं।

नौकरी और खेलों में योगदान का संतुलन:
वर्ष 2020 में पूजा का खेलों में सफर शुरू हुआ। अपने परिवार की मुख्य सहारा होने के बावजूद, उन्होंने बोशिया खेल में अपनी पहचान बनाने की ठान ली। कोच जसप्रीत सिंह की मदद से उन्होंने खेल का प्रशिक्षण शुरू किया और भारत के लिए खेलने का सपना देखा। पूजा की सफलता के पीछे उनके परिवार और दोस्तों का भी बड़ा योगदान है। उनके माता सुनीता गुप्ता और पिता अजय गुप्ता ने हमेशा उनका साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके चाचा बृजभूषण गुप्ता और उनकी मौसी रेखा गुप्ता ने भी उनके सपनों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई।

पूजा को मिले सम्मान और पुरस्कार

पूजा को वर्ष 2017 में चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम में कैविनकेयर एबिलिटी मास्टरी अवाॅर्ड व वर्ष 2018 में चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में एम्पावर दिवा वुमन ऑफ सब्स्टेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया था। इन पुरस्कारों ने न केवल एक खिलाड़ी के रूप में बल्कि जीवन में चुनौतियों को पार कर दूसरों को प्रेरित करने वाली महिला के रूप में भी पूजा को सम्मानित किया।
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पूजा की यह उपलब्धियां
हाल ही में बेहरीन में आयोजित हुई विश्व बोकिया चैलेंज सीरीज में 2 मेडल जीते। इनमें बीसी-4 महिला व्यक्तिगत श्रेणी में पूजा गुप्ता ने कांस्य पदक जीता है। बीसी-4 श्रेणी में भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी होने के साथ ही पूजा गुप्ता ने ग्वालियर में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2024 में एक स्वर्ण पदक और एक कांस्य पदक भी जीता है। इससे पहले, उन्होंने अक्तूबर 2023 में चीन में होने वाले पटाया एशियाई खेलों और दिसंबर 2023 में हांगकांग में होने वाले विश्व बोकिया चैलेंजर में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। इसके अलावा, उन्होंने पंजाब में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2022 में 2 स्वर्ण पदक जीते और आंध्र प्रदेश में आयोजित 2021 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीता।
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