रेवाड़ी। जिले के राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में दाखिले के लिए दूसरे चरण की ऑनलाइन काउंसिलिंग के तहत मंगलवार को कॉलेज और ट्रेड विकल्प भरने का अंतिम अवसर है। इसके बाद 1 जुलाई को सीट आवंटन की सूची जारी होगी। चयनित अभ्यर्थियों को 2 और 3 जुलाई को शाम पांच बजे तक संबंधित संस्थान में आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट करना होगा।
जिन अभ्यर्थियों की प्रथम चरण में सीट आवंटित नहीं हुई है वे दूसरे चरण की काउंसिलिंग में भाग ले सकते हैं। छात्राओं के लिए प्रवेश शुल्क 2,850 रुपये और छात्रों के लिए 4,350 रुपये निर्धारित किया गया है। दाखिले के समय अभ्यर्थियों को प्रोविजनल सीट अलॉटमेंट लेटर, 10वीं एवं 12वीं की अंकतालिका, बैंक पासबुक, परिवार पहचान पत्र, जाति, आय, रिहायशी प्रमाणपत्र समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को संबंधित प्रमाणपत्रों की मूल प्रतियां भी जमा करनी होंगी। 12वीं (नॉन मेडिकल) के आधार पर आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को 10वीं और 12वीं के मूल प्रमाणपत्र साथ लाने होंगे।
जिले के दोनों राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में विभिन्न ट्रेडों की कुल 720 सीटों पर दाखिले होने हैं। पहले चरण में 389 अभ्यर्थी फीस जमा कर अपनी सीट सुरक्षित कर चुके हैं। अब शेष सीटों पर दूसरे चरण की काउंसलिंग के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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दोनों राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में 14 डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित
जिले के धामलावास और लिसाना स्थित राजकीय बहुतकनीकी संस्थानों में विद्यार्थियों के लिए कुल 14 डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। धामलावास संस्थान में ऑटोमोबाइल, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन, मैकेनिकल, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी, इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग तथा प्लास्टिक इंजीनियरिंग के कोर्स उपलब्ध हैं। वहीं लिसाना संस्थान में मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी के डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। दोनों संस्थानों में विद्यार्थियों को आधुनिक लैब, वर्कशॉप और अनुभवी शिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
वर्जन
अभ्यर्थी पोर्टल पर समय रहते विकल्प भरें और सीट आवंटन के बाद निर्धारित तिथियों में सभी मूल दस्तावेजों के साथ संबंधित संस्थान में रिपोर्ट करें। समय पर रिपोर्ट नहीं करने पर आवंटित सीट निरस्त हो सकती है।-सुखबीर यादव, प्राचार्य, बहुतकनीकी संस्थान लिसाना।