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Rewari News: पुलिस ने उदेश यादव के परिजनों से की पूछताछ

Fri, 02 May 2025 12:46 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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फोटो :1सीसीटीवी में आई उदेश की तस्वीर। स्रोत : वीडियो ग्रैब
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कोसली (रेवाड़ी)। राजस्थान की महिला चिकित्सक डॉ. भावना यादव (25) की हत्या मामले में हिसार पुलिस ने उदेश के गांव लिलोढ़ पहुंच कर उसके परिजनों से पूछताछ की। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने उदेश को बेकसूर बताया। पिता बलराम ने बताया कि बेटे उदेश से उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया है। जब वह आएगा, तभी उससे इस संबंध में बात की जा सकती है। इसके बाद ही वह कुछ बता सकेंगे।
वहीं, उदेश की मां मनीषा का रो-रो कर बुरा हाल है। परिवार के लोगों का कहना है कि उदेश डॉ. भावना की मदद करने के बाद क्यों भागा, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। परिजन रिश्तेदारियों में सहयोग मांग रहे हैं और उदेश की भूमिका को लेकर सफाई दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हिसार के निजी अस्पताल से एक सीसीटीवी फुटेज भी जारी हुई है जिसमें नजर आ रहा है कि डॉ. भावना को लेकर उदेश आया था और उसके साथ एक और युवक था। भावना को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद से ही वह फरार है। उदेश ने जिस एसयूवी का इस्तेमाल किया था, उसके मालिक से जब पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि उसके पास उदेश का फोन आया था। उसने कहा था कि एक लड़की झुलस गई है, उसकी मदद करनी है। उसके बाद उसने उदेश को गाड़ी दे दी थी।
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परिजनों ने धरने पर बैठने की चेतावनी

डॉ. भावना के परिजनों ने पुलिस को 48 घंटे का समय दिया है। कहा है कि अगर पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी नहीं करती है तो वे सिविल लाइन थाने में धरने पर बैठ जाएंगे। पुलिस ने जांच के लिए 5 टीमों का गठन किया है। दो टीमें उदेश के पीछे लगी हुई हैं। अन्य तीन टीमें हत्या के मामले की अलग-अलग जांच कर रही हैं।
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24 अप्रैल से नहीं मिला उदेश

राजस्थान की चिकित्सक डॉक्टर भावना यादव (25) की हत्या का शक गांव लिलोढ़ निवासी उदेश यादव पर है। 24 अप्रैल को डॉ. भावना को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद से ही उदेश फरार है। वह अपने गांव लिलोढ़ भी नहीं पहुंचा। उदेश हिसार में अकेला ही रहता था, जबकि उसका पूरा परिवार लिलोढ़ गांव में रहता है। हादसे वाले दिन उदेश ही भावना को लेकर हिसार के अस्पताल पहुंचा था। उदेश हिसार के एक विश्विद्यालय में क्लर्क के रूप में करता है। वह घर पर शनिवार व रविवार को आता था। घटना वाले दिन के बाद से ही उसका कुछ पता पता नहीं है।
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