जिला कोर्ट परिसर में मॉक ड्रिल के तहत जांच करती टीम। स्रोत : पुलिस
रेवाड़ी। जिला कोर्ट परिसर में मंगलवार को बम धमाके की सूचना पर पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और परिसर को खाली करा दिया। यह मॉक ड्रिल था जिसमें समय से पहुंचकर पुलिसकर्मी पास हुए। मॉकड्रिल के माध्यम से पुलिसकर्मियों की सक्रियता परखी गई।
मॉक ड्रिल के तहत थाना मॉडल टाउन पुलिस को कंट्रोल रूम के माध्यम से जिला कोर्ट परिसर में बम ब्लास्ट होने की सूचना प्राप्त हुई। तुरंत पुलिस और अन्य एजेंसियों को अलर्ट किया गया।
डीएसपी हेडक्वार्टर डॉ. रविंद्र सिंह ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे कोर्ट परिसर को खाली कराया गया और सभी प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया।
इस दौरान बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड, स्वाट, एंटी-सैबोटेज टीम, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और सिविल प्रशासन की टीमों ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया।
मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न टीमों ने संदिग्ध वस्तु की जांच, लोगों की सुरक्षित निकासी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने का अभ्यास किया। पुलिस की दो ईआरवी भी मौके पर तैनात रहीं। सभी टीमों ने मिलकर आपसी तालमेल के साथ स्थिति को संभालने का प्रदर्शन किया
डीएसपी डॉ. रविंद्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन सेवाओं के रिस्पॉन्स टाइम और उनकी कार्यक्षमता का मूल्यांकन करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सतर्क है और इस तरह के अभ्यासों से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है, जिससे वास्तविक आपदा की स्थिति में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकता है।