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अवैध तरीके से गर्भपात कराने के मामले में दाई और मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार

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रेवाड़ी। जिले के गांव रतनथल में गर्भपात कराए जाने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गर्भपात कराने वाली दाई और उसे दवाई मुहैया कराने वाले मेडिकल स्टोर संचालक को काबू किया है। दोनों की गिरफ्तारी डिकॉय मरीज के जरिए हुई। दोनों के खिलाफ रोहड़ाई थाना में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी महिला की पहचान गांव बहरामपुर निवासी रुकेश व मेडिकल स्टोर संचालक की विपिन के रूप में हुई है।
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सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार को सूचना मिली कि गांव बहरामपुर निवासी एक महिला गर्भपात का कार्य करती है। सूचना के आधार पर उप सिविल सर्जन एवं पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. विशाल राव, उप सिविल सर्जन डॉ. रजनी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रतनथल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नाहड़ की चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रीति यादव, हेड कांस्टेबल रणबीर व सिपाही अर्चना की टीम गठित की गई और एक डिकॉय मरीज तैयार की गई।
डिकाय मरीज ने गांव बहरामपुर निवासी महिला दाई रुकेश से संपर्क किया। महिला ने डिकॉय मरीज को पहले गांव गुडियानी उसके बाद अपने गांव बहरामपुर बुलाया। बहरामपुर से महिला दाई डिकॉय मरीज को गांव रतनथल स्थित एक घर में लेकर गई और गर्भपात के लिए तीन हजार रुपये मांगे। लेकिन बाद में एक हजार रुपये में ही गर्भपात की दवा देने के लिए सहमति बनी। दाई ने एक हजार रुपये लेकर डिकॉय मरीज को खुली हुई छह गोलियां दे दीं। डिकॉय मरीज की तरफ से इशारा मिलते ही पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला दाई को मौके पर काबू कर लिया।
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पूछताछ में महिला ने बताया कि वह गर्भपात कराने वाली दवा गुरावड़ा स्थित एक मेडिकल स्टोर से लेकर आती है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने महिला दाई को 500 रुपए देकर मेडिकल स्टोर पर भेजा, जहां मेडिकल स्टोर संचालक विपिन ने उसे 300 रुपये में गर्भपात की गोलियां थमा दीं। इस बीच इशारा मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मेडिकल स्टोर पर भी रेड कर दी और आरोपी विपिन को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को देर रात ही रोहड़ाई थाना लाया गया, जहां डॉ. विशाल राव की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 420, 406, 120बी, 34 आईपीसी के अलावा 152,153, 3, 4, 5, के तहत केस दर्ज कर लिया है।
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