प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि उनके तीसरे कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी बड़ी आर्थिक महाशक्ति बनेगा। इसमें हरियाणा का अहम योगदान होगा, क्योंकि जब हरियाणा विकसित होगा तो देश विकसित होगा। प्रदेश निवेश के लिए उत्तम प्रदेश है। कपड़ा व परिधान उद्योग में हरियाणा का अहम स्थान है। शुक्रवार को रेवाड़ी के एम्स का शिलान्यास करते समय प्रदेश को 9770 करोड़ की सौगात देते हुए उन्होंने यह बात कही।
मोदी ने कहा कि डबल इंजन की सरकार विकसित हरियाणा बनाने में जुटी है, जिससे आज की युवा पीढ़ी का भविष्य उज्जवल होने वाला है। टेक्नोलॉजी से टेक्सटाइल और टूरिज्म से ट्रेड तक राज्य में हर क्षेत्र में नए अवसर बढ़ने से युवाओं को रोजगार व स्व रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। श्री कृष्ण सर्किट योजना के तहत कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में बना केंद्र भगवान श्रीकृष्ण के गीता संदेश व हरियाणा की पावन धरा से दुनिया को परिचित कराएगा।
ये मिली सौगात
रेवाड़ी के माजरा गांव में 1646 करोड़ की लागत से रखी एम्स की आधारशिला।
5450 करोड़ रुपये की गुरुग्राम मेट्रो परियोजना का शिलान्यास
प्रधानमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से 5450 करोड़ रुपये की लागत की गुरुग्राम मेट्रो परियोजना का शिलान्यास किया। गुरुग्राम मेट्रो लाइन नए गुरुग्राम को पुराने गुरुग्राम से जोड़ेगी, जिससे यात्रा करने का समय भी बचेगा।
रोहतक-महम-हांसी नई रेल लाइन जनता को समर्पित
प्रधानमंत्री ने 890 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित रोहतक-महम-हांसी नई रेलवे का भी शुभारंभ किया। उन्होंने झंडी दिखाकर इस लाइन पर पहली रेल सेवा की शुरुआत भी की। इस रेल लाइन से हिसार से दिल्ली को सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा, इस क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेलवे की इन योजनाओं का भी शिलान्यास किया
- 470 करोड़ रुपये की लागत से भिवानी-डोभ भाली रेल लाइन
- 410 करोड़ रुपये की लागत से मानहेरू-बवानी खेड़ा रेल लाइन
- 350 करोड़ रुपये की लागत से रेवाड़ी–काठूवास रेलवे लाइन
- 310 करोड़ रुपये की लागत से काठूवास-नारनौल रेलवे लाइन दोहरीकरण परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया।
महाभारत से जुड़े प्रसंगों को देखने का अद्भुत नजारा मिलेगा
पीएम मोदी ने धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में 240 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित ज्योतिसर अनुभव केंद्र का भी उद्घाटन किया। इस अनुभव केंद्र में पर्यटक महाभारत से जुड़े प्रसंगों को देखने का एक अलग अनुभव का आनंद उठा सकेंगे। यह संग्रहालय टच इंटरैक्टिव डिस्प्ले, एलईडी दीवार, प्रोजेक्शन स्क्रीन, इमर्सिव रूम, काइनेटिक्स इंस्टालेशन जैसी प्रयोगात्मक तकनीक के साथ बनाया गया है।