संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में किराये के भवन में चल रहे 18 उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भवन बनाने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंचायतों के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कराकर जमीन स्वास्थ्य विभाग के नाम कराई जाएगी।
जिले में 114 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें केंद्र किराये के भवन में चल रहे हैं। अभी ये उप स्वास्थ्य केंद्र किसी गांव में धर्मशाला तो किसी में अन्य भवन में चल रहे हैं। खुद का भवन नहीं होने से इनमें सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पा रहा है।
कई केंद्रों के भवन तो इस कदर जर्जर हो गए हैं कि उनमें बैठते में भी डर लगता है। इन भवनों में स्टाफ के बैठने के लिए जगह की कमी है। किराये के भवन में चल रहे उप केंद्रों के लिए भवन बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से पंचायतों के माध्यम से प्रस्ताव तैयार कराकर जमीन नाम कराई जाएगी। इसके बाद इन सब सेंटर को नया भवन मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा।
जर्जर बिल्डिंग का होगा निरीक्षण
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि पीडब्ल्यूडी की ओर से उन उप स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया जाएगा, जिनकी बिल्डिंग जर्जर है। देखा जाएगा कि भवन कैसा है, बैठने लायक है या नहीं है। पीडब्ल्यूडी की ओर से उक्त रिपोर्ट बनाकर दी जाएगी। इसके बाद इनकी बिल्डिंग को तोड़कर नया भवन बनाने के लिए अनुमानित बजट तैयार कराया जाएगा। वह बजट फिर हेल्थ निदेशालय को भेजा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलते ही फिर भवन बनाने को लेकर निर्माण कार्य शुरू होगा। इस प्रक्रिया में अभी समय लगेगा, लेकिन प्रयास रहेगा कि जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी हो जाए।
उप स्वास्थ्य केंद्रों में कम हैं सुविधाएं
अभी इन उप स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं की कमी है। पर्याप्त स्टाफ का भी नहीं है। इस वजह से सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पा रहा है। इनमें सुविधाओं का विस्तार तभी हो सकता है जब नई बिल्डिंग मिले। अभी जर्जर भवन होने के कारण स्टाफ को बैठने तक में परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीज खुद का चेकअप कराने के लिए आते हैं तो उनको भी जर्जर भवन के कारण डर लगता है। खुद का भवन मिलने पर ही इनमें सुविधाओं का विस्तार हो सकता है।
वर्जन
किराये के भवनों में चल रहे उप स्वास्थ्य केंद्रों के लिए भवन बनाए जाएंगे। नया भवन बनाने के लिए अनुमानित बजट तैयार कराया जाएगा और निदेशालय को भेजा जाएगा। -डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी।