जिले में कोरोना के भयावह रूप को देखते हुए सात दिनों के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है। सभी दुकानों व प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया है और लोगों के घरों से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है, लेकिन इस सब के बाद भी कई लोग ऐसे हैं, जो इतने बेपरवाह हैं कि बेवजह ही सड़कों पर घूम रहे हैं। ऐसे लोगों के कारण जिस उद्देश्य से लॉकडाउन लगाया गया है, उसे हासिल करना मुश्किल हो सकता है।
कोरोना संक्रमण से बेकाबू हो रहे हालात को देखते हुए सरकार द्वारा 3 मई से सात दिन के लिए लॉकडाउन लगा दिया था। इस लिहाज से पूरे जिले को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए तमाम प्रतिबंध लागू किए हैं। जिससे बाजार व अन्य सार्वजनिक जगहों पर लोगों की भीड़ न हो, लोग एक दूसरे के संपर्क में न आएं, जिससे कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके। साथ ही लॉकडाउन के इन सात दिनों के लिए जिला प्रशासन की ओर से गाइड लाइन भी जारी की गई है। एक ओर जहां प्रशासन महामारी से लड़ने और उसके फैलाव को रोकने के लिए प्रयासरत है, तो कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो इसे लेकर बेपरवाह हैं और लापरवाही बरत रहे हैं। शहर की सड़कों पर ऐसे ही बेवजह घूम रहे लोगों को देखा जा सकता है।
चौक-चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी लोगों से बतियाते नजर आए
शहर में बेवजह घूमने वाले लोगों पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से शहर के चौक-चौराहों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। लेकिन ये पुलिसकर्मी बेवजह घूमने वालों पर शिकंजा कसने की बजाये जान-पहचान वालों से बातचीत करते नजर आए। जबकि ऐसे दयनीय हालातों में पुलिस को लापरवाह लोगों के खिलाफ सख्ती करनी चाहिए।
बहाने बनाते नजर आए लोग
हालांकि कुछ स्थानों पर सड़क पर बेवजह घूमने वालों पर पुलिस नजर बनाई हुई है। लेकिन पुलिस जब ऐसे लोगों से पूछताछ करती है, तो ऐसे लोग अस्पताल व मेडिकल जाने का बहाना बनाते नजर आते हैं। मंगलवार को धारूहेड़ा चुंगी, पायलट चौक आदि स्थानों पर सड़कों पर घूमने वालों से पुलिस कर्मी कारण पूछ रहे थे। ऐसे में कई लोग मेडिकल से दवा लेने जाने का बहाना बनाते नजर आए। पुलिस जवानों ने ऐसे लोगों को बेवजह घर से बाहर न निकलने को लेकर समझाया भी।