रेवाड़ी। जिले के धारूहेड़ा, बावल और भाड़ावास के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने में अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। इन क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों के अपग्रेडेशन की प्रक्रिया फिलहाल मुख्यालय की स्वीकृति पर अटकी हुई है। प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद अब तक मंजूरी नहीं मिली है जिससे इलाके के लोगों में निराशा है।
जानकारी के अनुसार, बावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को उपमंडल स्तरीय सामान्य अस्पताल का दर्जा देने, भाड़ावास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को सीएचसी में अपग्रेड करने का प्रस्ताव काफी पहले भेजा जा चुका है। यह प्रस्ताव लोकसभा चुनाव से पहले मुख्यालय को भेजे गए थे लेकिन उसके बाद प्रक्रिया धीमी पड़ गई और अब तक केवल कागजी कार्यवाही ही चल रही है।
इसके अलावा धारूहेड़ा पीएचसी को भी 100 बेड के अस्पताल में बदलने की मांग चल रही है। इसकी फाइल भी मुख्यालय भेजी गई है लेकिन अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. दीपक वर्मा ने बताया कि भाड़ावास को सीएचसी बनाने और बावल सीएचसी को सब-डिविजनल अस्पताल का दर्जा देने के प्रस्ताव पहले ही भेजे जा चुके हैं। मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
बावल सीएचसी को भी अपग्रेड करने की जरूरत
बावल उपमंडल बनने के बावजूद यहां वर्षों से केवल सीएचसी स्तर की सुविधाएं ही उपलब्ध हैं। इसके चलते मरीजों को इलाज के लिए रेवाड़ी नागरिक अस्पताल या दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। कोसली उपमंडल में पहले से ही सामान्य अस्पताल संचालित है। अगर बावल सीएचसी को अपग्रेड कर दिया जाता है तो यहां डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ेगी और आधुनिक चिकित्सा उपकरण भी उपलब्ध होंगे।
धारूहेड़ा पीएचसी को 100 बेड का अस्पताल बनाने की मांग
इसी तरह, धारूहेड़ा पीएचसी को अपग्रेड करके 100 बेड के अस्पताल में बदलने की मांग की गई है क्योंकि वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाएं अपर्याप्त हैं और मरीजों को इलाज के लिए दूर जाना पड़ता है। नगर पालिका धारूहेड़ा के चेयरमैन कवर सिंह ने इस मांग को उठाते हुए कहा है कि यह स्थानीय आबादी के लिए एक आवश्यक कदम है। औद्योगिक कस्बा होने के कारण यहां जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव है। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार धारूहेड़ा में 100 बेड का अस्पताल बन जाने से मीरपुर सीएचसी पर दबाव कम होगा और लोगों को नजदीक ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
मुख्यालय की स्वीकृति का इंतजार : डॉ. वर्मा
भाड़ावास और धारूहेड़ा पीएचसी को अपग्रेड किया जाना है, वहीं बावल सीएचसी को सब डिविजनल अस्पताल बनाया जाएगा। हमारी तरफ से इन्हें अपग्रेड करने के लिए प्रस्ताव भेजे हुए हैं। मुख्यालय स्तर पर स्वीकृति के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उसी का इंतजार है।
-डॉ. दीपक वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, रेवाड़ी।