संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। महेंद्रगढ़ में आयोजित गृहमंत्री के कार्यक्रम में रोडवेज की 80 बसों को भेजने से बसों की कमी हो गई। इसकी वजह से विभिन्न रूटों पर बसें नहीं मिलने से यात्रियों को भटकना पड़ा। रोडवेज की बस नहीं मिलने से लोगों को निजी साधनों का सहारा लेना पड़ा।
बस स्टैंड पर मंगलवार को बसों की कमी के कारण लोगों को परेशान होना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी रोडवेज बस से प्रतिदिन ड्यूटी जाने वालों को हुई। सुबह के समय बस न मिलने के कारण लोग इधर-उधर भटकते रहे। दिल्ली, गुरुग्राम, रोहतक, जयपुर, चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। ड्यूटी वाले लोग सबसे ज्यादा गुरुग्राम और दिल्ली के लिए रोजाना बस पकड़ते हैं। कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। लोग गर्मी में कई घंटों तक बस स्टैंड पर ही बसों का इंतजार करते रहे।
लोगों को इस बात की जानकारी ही नहीं थी कि बसों की संख्या मंगलवार को कार्यक्रम की वजह से घटाई गई है। जैसे ही कोई बस आती लोग तुरंत पकड़ने के लिए दौड़ पड़ते। रेवाड़ी डिपो के पास 148 बसें हैं। 80 बसें कार्यक्रम में भेजने के बाद डिपो के पास 78 बसें बची थीं। रेवाड़ी में रोजाना 25 हजार यात्री बसों से सफर करते हैं। रोडवेज को रोजाना 22 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। बसें कम चलने से मंगलवार को रोडवेज को काफी नुकसान भी हुआ है।
राजेश, सुनील, दीपक ने बताया कि वह रोजाना ड्यूटी जाने के लिए गुरुग्राम से बस पकड़ते हैं लेकिन आज परेशानी हुई। पूजा ने बताया कि उसे ट्रेन पकड़ने के लिए दिल्ली जाना था लेकिन बस नहीं मिली। आनंदपाल ने बताया कि उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के लिए जाना था। बस ही नहीं मिलने से प्राइवेट बस का सहारा लेना पड़ा।
रोडवेज के जीएम देवदत्त का कहना है कि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई। इतना जरूर था कि कुछ रूटों पर बसों के फेरे जरूर घटाए गए थे, मगर फिर भी लोगों को सेवा समय पर उपलब्ध करवाई गई।