दाखिले के लिए विरोध जताते अभिभावक
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आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को शिक्षा के अधिकार के तहत हरियाणा सरकार की ओर से टेस्ट की शर्त लगाने से गुस्साए अभिभावकों ने बुधवार को सरकार एवं शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए शहर में प्रदर्शन किया। अभिभावक सुबह ग्यारह बजे जवाहर लाल नेहरू पार्क में एकत्रित हुए तथा यहां से रोष मार्च निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचकर सीटीएम अमित गुलिया को ज्ञापन सौंपा। गौरतलब है कि अभिभावक टेस्ट को रद्द कर आवेदनों के ड्रॉ की मांग कर रहे हैं।
अट्ठारह अप्रैल को आवेदन निकालने की बजाय सरकार ने कर दिया टेस्ट का प्रावधान
शिक्षा के अधिकार नियम 134-ए के तहत सरकार को अारह अप्रैल को आए आवेदनों का ड्रॉ निकालना था। जिसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से सुबह ग्यारह बजे का समय दिया हुआ था। लेकिन अभिभावक ड्रॉ की लिस्ट देखने कार्यालय पहुंचे तो यहां पर अधिकारियों ने ड्रॉ पर रोक लगने की बात कही। इस पर गुस्साए अभिभावकों ने कार्यालय में ही जमकर बवाल काटा था। वहीं 19 अप्रैल को शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के नई अनाज मंडी के दौर के दौरान अभिभावकों ने जल्द ड्रॉ निकालने की मांग की थी। लेकिन अधिकारियों के साथ मीटिंग के बाद शिक्षा मंत्री ने टेस्ट लागू कर दिया था।
सरकार के इस निर्णय से अभिभावकों में गुस्सा है तथा वह जल्द से टेस्ट को रद्द कर ड्रॉ निकलवाने की मांग कर रहे हैं। अभिभावक आरती,ज्योति,बलवान सिंह, प्रवीण सैनी,सोनिया,राजबाला,बिमला एवं चंद्रप्रकाश ने बताया कि जब से सरकार ने 55 फीसदी से कम अंकों वाले बच्चों का टेस्ट लेने की घोषणा एवं जनवरी,फरवरी, दिसंबर एवं नवंबर के टेस्ट को के साथ लिस्ट बनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय निर्धन बच्चों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार सभी को शिक्षा देने की बात कर रही है, वहीं दुसरी ओर अभिभावकों को अपने बच्चों के एडमिशन के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं।
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टेस्ट के बारे में दी जाएगी जानकारी...
इधर बुधवार को 2 जमा 5 जने आंदोलन कार्यकर्ताओं की एक बैठक राव तुलाराम पार्क में हुई। जिला प्रभारी कैलाश चंद ने बताया कि एक मई को होने वाले टेस्ट के विषय में अभिभावकों को राव तुलाराम पार्क में निशुल्क जानकारी दी जाएगी।