11 साल से न्याय के लिए भटक रही है पीड़िता
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नाहड़ पंचायत समिति चेयरमैन और वाइस चेयरमैन चुनाव के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चुनाव से संबंधित रिकॉर्ड के साथ उपायुक्त को तलब कर लिया है जबकि सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह यादव और उनकी पत्नी पूर्व जिला प्रमुख सहित छह लोगों को 11 जुलाई को हाजिर होने के दस्ती नोटिस जारी किए हैं। उक्त चुनावी प्रक्रिया को ब्लॉक समिति के वार्ड-दस से सदस्य आशा बाई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उसने चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के पद रिक्त घोषित करने एवं वाइस चेयरमैन की चुनावी प्रक्रिया को राजनीति दबाव और अलोकतांत्रिक करार देते हुए निरस्त करने की मांग करते हुए दोनों पदों की चुनावी प्रक्रिया दोबारा कराए जाने की अपील की थी। आशा बाई के वकील योगेश गोयल ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट ने उपायुक्त को चुनावी रिकॉर्ड से बिना छेड़छाड़ किए सील बंद लिफाफे सहित तलब किया है। जबकि सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह, उनके पत्नी एवं पूर्व जिला प्रमुख सुरेश देवी, उनके साले अजीत सिंह, घोषित की गई चेयरपर्सन सुमन देवी व वाइस चेयरमैन रवि यादव और मौके पर वीडियोग्राफी व फोटोग्राफी करने वाले को 11 जुलाई को हाजिर होने नोटिस जारी किए हैं।
यह है मामला
नौ मार्च को नाहड़ ब्लॉक समिति चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन का चुनाव हुआ था। इस मामले में समिति सदस्य आशा बाई ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी। साथ ही इससे पहले चुनाव आयुक्त से भी शिकायत की थी, जिसकी जांच एडीसी को सौंपी गई थी। आशा बाई ने आरोप लगाया था कि चुनाव का समय 11 बजे होने के बावजूद रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम 11 बजे की बजाए एक बजे तक कोसली विधायक एवं सहकारिता राज्य मंत्री बिक्रम सिंह का इंतजार करते रहे जबकि कोई भी चुनाव अधिकारी एक घंटे तक पार्षदों का इंतजार करने के बाद मीटिंग स्थगित कर देता है। रेवाड़ी ब्लॉक समिति के चुनाव उसी दिन 40 मिनट बाद ही स्थगित कर दिए गए थे। उसने कहा था कि अन्य पार्षदों के पांच मिनट के बाद ही वह भी पहुंच गई थी लेकिन उसे न तो चुनाव लड़ने दिया गया और न ही चुनावी प्रक्रिया में शामिल किया गया।
कोर्ट को कुछ नजर आया तभी डीसी और मंत्री को किया नोटिस जारी: यादव
मामले में पंचायत समिति सदस्य आशा बाई के साथ रहे भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव का कहना है कि हाईकोर्ट को प्रथम दृष्टया इस मामले में कुछ संभावना नजर आई है तभी डीसी और मंत्री को नोटिस जारी किया गया है। अच्छा यह होता कि डीसी और चुनाव आयुक्त पहले ही शिकायत पर संज्ञान लेकर जांच पूरी करा लेते। मैं और आशा बाई अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे लेकिन कुछ नहीं हुआ। कोर्ट में न्याय मिलेगा ओर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
अभी मुझे सूचना नहीं मिली है। सोमवार को आदेश जारी हुए हैं तो पहुंच जाएंगे। कोर्ट के आदेश की पालना की जाएगी।
डॉ यश गर्ग, उपायुक्त
अभी कोई सम्मन नहीं मिला है। चुनाव निष्पक्ष रूप से हुए थे। बाकी कोर्ट में कोई भी जा सकता है। सम्मन मिलने पर कोर्ट की प्रक्रिया में जरूर शामिल होंगे।
बिक्रम सिंह यादव, सहकारिता राज्य मंत्री