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नागरिक अस्पताल में 20 दिन में बनकर तैयार होगा ऑक्सीजन प्लांट

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रेवाड़ी। कोरोना महामारी में ऑक्सीजन की किल्लत झेलने के बाद अब नागरिक अस्पताल में 20 दिन के अंदर ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। इस प्लांट से प्रत्येक दिन 100 सिलिंडर के बराबर ऑक्सीजन बनकर तैयार होगी। प्लांट निर्माण के बाद मरीजों को भिवाड़ी से आने वाली लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ही जिले में ऑक्सीजन की खपत 150 सिलिंडर से बढ़कर 300 के पार पहुुंच गई थी। यह संख्या बढ़ते हुए 700 के पार पहुंच गई। कुुछ निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन के अभाव में मौत होने के आरोप भी लगे, इसके बाद प्रशासन को ऑक्सीजन सप्लाई को अपने हाथ में लेना पड़ा। वहीं जिले में ऑक्सीजन का कोटा भी तीन से बढ़ाकर 10 मीट्रिक टन करना पड़ा। हालांकि अब जिले में ऑक्सीजन की किल्लत नहीं है, लेकिन भविष्य की तैयारियों के लिए ये ऑक्सीजन प्लांट बेहद महत्त्वपूर्ण होंगे। वहीं कुछ निजी अस्पतालों ने भी प्लांट लगवाने शुरू कर दिए हैं।
विराट में ऑक्सीजन की कमी से मौत होने के लगे आरोप
प्रशासन की ओर से शहर के करीब 24 अस्पतालों को कोविड मरीजों के उपचार के लिए चिह्नित किया हुआ है। दिल्ली व गुरुग्राम में ऑक्सीजन बेड भरने के बाद रेवाड़ी के सभी अस्पतालों में करीब 50 प्रतिशत मरीज एनसीआर के भर्ती हो गए थे। इसके चलते प्रत्येक अस्पताल में ऑक्सीजन की किल्लत खड़ी हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने जैसे ही निगरानी शुरू की तो शहर के विराट अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से मरीजों की मौत के आरोप लगे। इसके बाद ऑक्सीजन सप्लाई की कमान डीसी ने खुद संभाली और प्रत्येक दिन शाम के समय बावल स्थित रिफिल सेंटर का निरीक्षण किया, इसके बाद हालात में सुधार हुए।
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भिवाड़ी पर निर्भर रेवाड़ी के मरीजों की सांसे
लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन(एलएमओ) रेवाड़ी को भिवाड़ी की कंपनी से मिलती है। लेकिन जैसे ही ऑक्सीजन की मांग बढ़ी तो राजस्थान सरकार ने हरियाणा की सप्लाई को बंद कर दिया था। इसके बाद सबसे ज्यादा रेवाड़ी में किल्लत बढ़ गई। जिले का एक मात्र सबसे बड़ा सप्लायर अग्रवाल कभी पंजाब तो कभी अन्य राज्यों से टैंकर मंगवाकर अस्पतालों की आपूर्ति कर रहा था। इसके बाद प्रदेश सरकार के दखल से भिवाड़ी से सप्लाई शुरू हुई। लेकिन अब रेवाड़ी ऑक्सीजन को लेकर आत्मनिर्भर बनने की ओर अग्रसर है।
प्रशासन की होम डिलीवरी से भी मिली राहत
अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम करने के लिए प्रशासन की ओर से ऑक्सीजन सिलिंडर की होम डिलीवरी शुरू की गई। ऑनलाइन एक फार्म भरने के बाद रेडक्रॉस के माध्यम से कर्मचारियों व स्वयं सेवकों ने लोगों के घरों में जाकर ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाए।
होलीस्टर कंपनी से नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाना शुरू कर दिया है। वहीं कुछ निजी अस्पतालों की ओर से भी प्लांट लगाए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से तुरंत अनुमति दी जा रही है। 15 जून से पहले प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा। इसके बाद भिवाड़ी से आने वाली ऑक्सीजन पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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-डॉ. विजय प्रकाश, कोविड, नोडल अधिकारी
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