रेवाड़ी। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पीठासीन अधिकारी जतिन गर्ग ने सड़क हादसे में महिला के घायल होने के मामले का निपटारा राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझौते के तहत कर किया। लोक अदालत में दोनों पक्षों के वकीलों के बीच हुए समझौते के अनुसार बीमा कंपनी ने पीड़िता को 2 लाख 95 हजार रुपये मुआवजा देने पर सहमति जताई। इसे हरदेई ने पूर्ण और अंतिम भुगतान के रूप में स्वीकार कर लिया।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर निवासी हरदेई ने 29 सितंबर 2025 को मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 166 के तहत दावा याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया था कि 28 अप्रैल 2025 को जिले के जाटूसाना क्षेत्र में एक बस की टक्कर में वह घायल हो गई थीं।
मामले में बस चालक, बस मालिक और बीमा कंपनी को पक्षकार बनाया गया था। सुनवाई के दौरान सभी पक्ष अदालत में उपस्थित हुए और अपने-अपने तर्क रखे।
अंतिम चरण में यह मामला आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। पीठासीन अधिकारी जतिन गर्ग ने समझौते को स्वीकार करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। अदालत ने बीमा कंपनी को निर्देश दिए कि वह तय राशि दो माह के भीतर सीधे पीड़िता के खाते में जमा कराएं।
यदि तय समय सीमा में भुगतान नहीं किया गया, तो कंपनी को याचिका दायर होने की तारीख से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।