रेवाड़ी। बिजली कर्मचारियों की दो दिन चली हड़ताल से बिजली गुल रहने के कारण चार्ज न होने से ई-रिक्शा और ई-बसों का संचालन ठप हो गया है। बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद शनिवार को ई-रिक्शा व ई-बसों का संचालन फिर सामान्य हो गया है।
हड़ताल के दौरान चार्जिंग की व्यवस्था प्रभावित होने से करीब 250 ई-रिक्शा चालकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया था। वहीं, रेवाड़ी रोडवेज डिपो में भी पांच इलेक्ट्रिक बसों को चार्जिंग नहीं हो पाने के कारण खड़ा करना पड़ा था।
अब बिजली आपूर्ति और चार्जिंग व्यवस्था सामान्य होने से वाहन सड़कों पर लौट आए हैं। इससे यात्रियों और ई-रिक्शा चालकों ने राहत की सांस ली है।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल का असर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं के साथ परिवहन व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। ई-रिक्शा चालकों के लिए बैटरी चार्ज करना जरूरी होता है। ऐसे में चार्जिंग व्यवस्था प्रभावित होने से उनकी रोजाना की कमाई पर असर पड़ा। चार्जिंग नहीं होने से वाहन चलाना मुश्किल हो गया था और उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
रोडवेज की पांच इलेक्ट्रिक बसें भी खड़ी रहीं
हड़ताल के कारण रोडवेज डिपो में संचालित इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग भी प्रभावित हुई। चार्जिंग नहीं होने के चलते पांच इलेक्ट्रिक बसों को खड़ा करना पड़ा था। इससे बसों के संचालन पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई थी। अब हड़ताल समाप्त होने और व्यवस्था सामान्य होने के बाद इन बसों को दोबारा संचालन में शामिल किया गया है। इससे यात्रियों को भी राहत मिलेगी।
वाहन चालकों ने ली राहत की सांस
दो दिन तक चली हड़ताल के दौरान चार्जिंग पर निर्भर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ई-रिक्शा चालकों के लिए वाहन नहीं चलने का सीधा असर उनकी दैनिक आय पर पड़ा। वहीं, इलेक्ट्रिक बसों के खड़े रहने से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई। अब चार्जिंग व्यवस्था सुचारु होने से वाहन चालकों को काम पर लौटने का अवसर मिला है।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने के बाद शहर में बिजली से चलने वाले वाहनों का संचालन सामान्य होने लगा है।