संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मांग की है कि मानसूनी वर्षा से खरीफ फसलों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए अहीरवाल व मेवात क्षेत्र के हर गांव में ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 10 अक्तूबर तक खोला जाए।
विद्रोही ने कहा कि पिछले दिनों हुई भारी बरसात ने दक्षिण हरियाणा के किसानों की खरीफ फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, नूंह, झज्जर और चरखी दादरी जिलों के लगभग हर गांव में बाजरा और सब्जियों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जो बाजरे की फसल खेतों में खड़ी थी, वह पानी में गल गई और जो फसल कट चुकी थी, वह भी खेतों में पड़ी-पड़ी सड़ गई। यही हाल सब्जियों की फसलों का भी हुआ है।
विद्रोही ने कहा कि यह समस्या किसी एक गांव की नहीं बल्कि पूरे अहीरवाल और मेवात क्षेत्र के किसानों की है। भाजपा सरकार ने अभी केवल कुछ चुनिंदा गांवों में 15 सितंबर तक पोर्टल खोलने की व्यवस्था की है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि जब दक्षिण हरियाणा का हर किसान इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुआ है तो फिर केवल चुनिंदा गांवों तक ही पोर्टल खोलना किसानों के साथ अन्याय है।
उन्होंने मौसम विभाग की भविष्यवाणी का हवाला देते हुए कहा कि सितंबर महीने भर दक्षिण हरियाणा में बारिश जारी रहने की संभावना है। ऐसे में खरीफ फसलों का भारी नुकसान तय है। इस परिस्थिति में पोर्टल को कुछ समय के लिए खोलकर बंद करना किसानों के साथ मजाक करने जैसा है।