रेवाड़ी। डीसी यशेंद्र सिंह ने कहा कि कम लिंगानुपात वाले गांवों पर प्रशासन की पारखी नजर है और प्रशासन हर पहलू पर पूरा फोकस रखते हुए भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाने के लिए सतर्क हैं। जिले में लिंगानुपात सुधार के लिए सभी अधिकारी नैतिकता के आधार पर अपना दायित्व निभाएं। डीसी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मानवीय मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ते हुए भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध में शामिल होने वालों की सूचना प्रशासन तक पहुंचाएं।
डीसी ने कहा कि रेवाड़ी के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में संबंधित एसडीएम पूरी मॉनिटरिंग करेें और लिंग जांच करने वालों पर नियमों की अवहेलना करने पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। डीसी ने कहा कि किसी भी रूप से लिंगानुपात सुधार मेें सार्थक कदम बढ़ाने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
डीसी ने जिले के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में जिन गांवों में बेटा-बेटी में लिंगानुपात अंतर अधिक हैं वहां महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पंचायत विभाग की ओर से संयुक्त भागीदारी सुनिश्चित करते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया जाए। साथ ही महिला एवं बाल विकास, शिक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी तथा कर्मचारी यह भी ध्यान रखें कि उक्त कम लिंगानुपात वाले गांवों में गर्भवती महिलाओं का रजिस्ट्रेशन करते हुए हर स्तर पर उनके स्वास्थ्य का आंकलन किया जाए। डीसी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निरंतर पीएनडीटी एक्ट के तहीत कार्यवाही अमल में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत विभाग के अधिकारियों को कहा कि ग्राम सभाओं में आमजन को लिंगानुपात सुधार के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को लैंगिक असमानता को दूर करने में सजगता का परिचय देने का आह्वान भी किया।