रेवाड़ी। हरियाणा के राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को मैथ किट अक्तूबर में मिलने की उम्मीद है। शिक्षा विभाग की एक्सपर्ट टीम ने किट को पास कर दिया है।
दरअसल किट की जांच करने के लिए पिछले दिनों शिक्षा विभाग की ओर से मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में एक्सपर्ट टीम भेजी गई थी, जिसे टीम ने किट के भंडारण में से कुछ हिस्से को जांच कर किट को पास कर दिया है। ऐसे में इंदौर से करीब 860 किट आएंगी, जिन्हें स्कूलों में वितरित किया जाएगा। मैथ किट से विद्यार्थियों में गणित की समझ विकसित होगी। इससे विद्यार्थी आसानी से गणित के सवालों को हल करना सीख सीखेंगे।
मैथ किट में मिलने वाली ठोस आकृतियों (वेल्क्रो मॉडल) से आकृतियों की समझ विकसित होगी व त्रि-आयामी से द्वि-आयामी में परिवर्तन होगा। टाइल्स से आकृतियों, स्थान, टाइलीकरण और पैटर्न की समझ का विकास होगा। स्टैंपिंग पात्र और स्टैंप पैड से आकृतियों की समझ विकसित होगी। त्रि-आयमी से द्वि-आयामी आकृतियों में परिवर्तन होगा, आयतन, धारिता का अनुमान और पैटर्न बनाने की समझ विकसित होगी।
डोमिनो संख्या कार्ड से संख्याओं और उनके जोड़ (1-9) की समझ विकसित होगी। संख्या कार्ड से संख्याओं की समझ, योग, घटाने और संख्या पैटर्न की समझ का विकास होगा। ब्लॉक्स से संख्या और स्थानीय मान की समझ विकसित होगी। पासे से संख्या और संख्या संक्रियाओं-जोड़ और घटाने की समझ विकसित होगी। स्थानीय मान कार्ड से स्थानीय मान की समझ विकसित होगी। घड़ी से समय का पता लगाने में आसानी होगी। वहीं डोरी से मापन की अवधारणा की शुरुआत करना और बच्चों को मानक इकाइयों की समझ होगी।
इंसेट
शिक्षा विभाग की टीम ने नहीं पाई कोई खामी
बता दें कि एनसीईआरटी ने हरियाणा के लिए मैथ किट बनाने का ठेका इंदौर समेत कई जगहों की कंपनी को दिया था। मैथ किट में किसी प्रकार की कमी न निकले, इसलिए पिछले दिनों कंपनी की ओर से बनाई गई मैथ किट का निरीक्षण करने के लिए एनसीईआरटी ने रेवाड़ी और अंबाला के मैथ स्पेशलिस्ट (डीएमएस) को इंदौर भेजा था, जिनके साथ एनसीईआरटी की ओर से भी एक सदस्य गया था। इनमें रेवाड़ी से डीएमएस डॉ. अशोक नामवाल व अंबाला से सुशील अरोड़ा शामिल थे। तीनों विशेषज्ञों ने मिलकर इन मैथ किट के भंडारण में से कुछ का बारीकी से जांच की थी, जिसमें उन्हें किसी प्रकार की कोई खामी नहीं मिली। इस पर मैथ किट को पास कर दिया है।
वर्जन
मैथ किट का जायजा लिया गया गया था। मैथ किट में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। इस पर टीम ने किट को पास कर दिया। अब अक्तूबर तक सरकारी विद्यालयों में पहुंच जाएगी।-डॉ. अशोक नामवाल, जिला गणित विशेषज्ञ रेवाड़ी।