संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। राजकीय विद्यालयों में ड्यूल डेस्क की कमी दूर करने के लिए विद्यालयों से डिमांड मांगी गई है। नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले राजकीय विद्यालयों में डेस्क पहुंच जाएंगे। ऐसे में बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठ कर नहीं पढ़ना पड़ेगा।
जिले के अधिकतर विद्यालयों में ड्यूल डेस्क की कमी है। ऐसे स्कूलों में विद्यार्थियों को जमीन पर टाट पर बैठकर पढ़ना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खासकर सर्दियों के मौसम में विद्यार्थियों को अधिक परेशानी होती है। अध्यापकों व अभिभावकों की ओर से ड्यूल डेस्क की कमी से हो रही परेशानी का मामला कई बार उठाया जा चुका है। इसको देखते हुए इस बार सत्र 2025-25 के शुरू होने से पहले शिक्षा विभाग की ओर से ड्यूल डेस्क की कमी को पूरा करने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत जिला अधिकारियों से विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या व ड्यूल डेस्क का ब्योरा लिया जा रहा है।
निदेशालय को भेजनी होंगी ड्यूल डेस्क की रिपोर्ट
ड्यूल डेस्क के लिए निदेशालय की ओर से प्रोफार्मा भी भेजा गया है। इसमें विद्यालय व खंड का नाम, पहली से 12वीं तक पंजीकृत विद्यार्थियों व ड्यूल डेस्क की डिमांड शामिल है। प्रोफार्मा के आधार पर दी जानकारी सही न मिलने पर संबंधित विद्यालय मुखिया के खिलाफ भी कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यालयों में संसाधनों का सत्यापन व निरीक्षण करने के बाद ड्यूल डेस्क की रिपोर्ट बना कर निदेशालय भेजी जाएगी, ताकि नए शैक्षणिक सत्र से पहले विद्यालयों में ड्यूल डेस्क भेजे जा सकें।
वर्जन
जिले के सभी राजकीय विद्यालयों से ड्यूल डेस्क की डिमांड मांगी है। नए शैक्षणिक सत्र से पहले विद्यालयों में ड्यूल डेस्क की कमी को पूरा किया जाएगा।
-कपिल पूनिया, जिला शिक्षा अधिकारी रेवाड़ी।