रेवाड़ी। राव तुलाराम स्टेडियम में बॉक्सिंग खिलाड़ियों के लिए रिंग, शेड और सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था नहीहहै जिससे खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है। उन्हें खुले मैदान में अभ्यास करना पड़ता है।
वर्तमान में स्टेडियम में प्रशिक्षक रेणू के मार्गदर्शन में प्रतिदिन 35 से 40 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। इनमें खेल विभाग की बाक्सिंग नर्सरी से जुड़े 25 खिलाड़ी शामिल हैं जिन्हें विभाग की ओर से प्रतिमाह खुराक भत्ता दिया जाता है।
इसके बाद भी खिलाड़ियों के पास पर्याप्त दस्ताने, बाक्सिंग किट और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। बाक्सिंग रिंग और शेड नहीं होने से खिलाड़ियों को परेशानी हो रही है।
गर्मी, सर्दी और बारिश में खिलाड़ियों को बिना किसी स्थायी शेल्टर के अभ्यास करना पड़ता है। कई बार प्रतिकूल मौसम के कारण प्रशिक्षण प्रभावित होता है। सुरक्षा उपकरणों और मानक रिंग की कमी से खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है।
राव तुलाराम स्टेडियम में प्रशिक्षक, जिला खेल अधिकारी और खेल विभाग के उपनिदेशक कार्यरत हैं जो स्वयं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं। रेवाड़ी की कई महिला मुक्केबाजों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है।
भीम अवाॅर्डी खिलाड़ी सुषमा, ज्योत्सना और मीना भी इसी खेल से जुड़ी रही हैं। इसके बाद भी मुख्यालय के खिलाड़ियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।
कोसली में उपलब्ध है बेहतर व्यवस्था
जिले के कोसली स्थित राजीव गांधी खेल परिसर में खेल विभाग की वरिष्ठ प्रशिक्षक ममता देवी के मार्गदर्शन में 70 से अधिक खिलाड़ी नियमित अभ्यास करते हैं। वहां खिलाड़ियों के लिए बॉक्सिंग रिंग, इनडोर हॉल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का मानना है कि जिला मुख्यालय में इससे बेहतर सुविधाएं होनी चाहिए लेकिन यहां अभी तक अपेक्षित व्यवस्थाएं नहीं हो सकी हैं।
वर्जन:
बाक्सिंग खिलाड़ियों के लिए शेड और रिंग की सुविधा आवश्यक है। इस संबंध में उपायुक्त और उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। शेड और रिंग निर्माण के लिए कार्रवाई की जाएगी।-मनोज शर्मा, जिला खेल अधिकारी रेवाड़ी।