संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एनएचएम के निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव ने शुक्रवार को एक रेस्टोरेंट में बैठक कर रेवाड़ी और नारनौल जिले के स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने गर्भवती और बच्चों के पंजीकरण से टीकाकरण तक की जानकारी ली।
डॉ. विरेंद्र ने कहा कि गर्भवती का एनसी रजिस्ट्रेशन प्रथम दस सप्ताह तक करना सुनिश्चित करें। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान करके उनका समय-समय पर फॉलोअप किया जाए। सुरक्षित डिलिवरी उच्च स्वास्थ्य संस्थाओं में करवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि पीएमएसएमए कार्यक्रम के तहत सभी गर्भवती महिलाओं की जांच विशेषज्ञ महिला चिकित्सा अधिकारी से कराई जाएए। सभी प्रकार के लैब टैस्ट व डायग्नोस्टिक की सुविधा निशुल्क स्वास्थ्य संस्थाओं पर उपलब्ध करवाई जाए।
सभी नवजात बच्चों के जन्म के रजिस्ट्रेशन व टीकाकरण करने व पोर्टल पर दर्ज करने बारे निर्देश दिए गए। सरकार द्वारा जारी विभिन्न ऑनलाइन पोर्टल की रिपोर्ट का अवलोकन किया गया व सुधार करने तथा सभी प्रकार के डाटा एंट्री करने बारे निर्देश दिए गए। साथ ही नागरिक अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए कहा है।
उन्होंने कहा कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को एफआरयू के रूप क्रियान्वित किया जाना है। सामुदायिक स्वास्थ्य केेंद्र नाहड़ को तुरंत प्रभाव से गर्भवती महिलाओं के सिजेरियन के लिए क्रियान्वित किया जाएगा।
एनक्यूएस कार्यक्रम के तहत नागरिक अस्पताल रेवाड़ी व सभी स्वास्थ्य संस्थाओं, जिसमें एसडीएच कोसली, सभी सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों शहरी व ग्रामीण तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को एनक्यूएस सर्टिफाईड करवाने बारे दिशा निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में सिविल सर्जन डॉक्टर नरेन्द्र दहिया, सिविल सर्जन नारनौल डॉक्टर अशोक कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।