रेवाड़ी। आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ते कदम में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना अहम है। अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के प्रभावी रूप से क्रियान्वयन के लिए अंत्योदय मेलों का आयोजन कर पात्रों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से सीधे तौर पर लाभान्वित किया जा रहा है। यह बात डीआईजी नाजनीन भसीन ने कहीं हैं। वे बुधवार को खंड डहीना में आजादी का अमृत महोत्सव की शृंखला में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना के तहत आयोजित अंत्योदय मेले के दौरान संबंधित विभागों की योजनाओं को दर्शाती स्टॉल का अवलोकन कर रही थी।
डीआईजी ने एडीसी आशिमा सांगवान, सीईओ जिप जयदीप कुमार व एएसपी पूनम दलाल दहिया के साथ योजना के लाभपात्रों से भी बातचीत की और उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। डीआईजी ने कहा कि विभागीय स्तर पर प्रदत्त सेवाओं को तत्परता से सरल तरीके से योजना का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार अपना योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि जनसेवा को समर्पित हो मौजूदा सरकार के सात साल बेमिसाल रहे हैं और अंत्योदय की भावना से सरकार उल्लेखनीय कदम उठा रही है। अंत्योदय मेले में जिला समाज कल्याण अधिकारी रेणू बाला, जोनल अधिकारी एवं जिला रोजगार अधिकारी राजेश सांगवान, बीडीपीओ श्याम लाल सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण मौजूद रहे।
परिवारों की आमदनी बढ़ाने में होगी मददगार
अंत्यादेय मेले में एडीसी आशिमा सांगवान ने बताया कि योजना का लक्ष्य पंक्ति में खड़े अंतिम परिवार को आगे लाना है। इसके लिए विभिन्न योजनाएं चिह्नित की गई हैं, जो इन परिवारों की आमदनी बढ़ाने में मददगार होंगी। इनमें पात्रता के लिए एससी, बीसी, महिला, दिव्यांग को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार के लिए कृषि, मत्स्य, पशुपालन व डेयरी जैसे व्यापारिक, औद्योगिक क्षेत्रों में व्यवसाय के साथ स्किलिंग में निपुण करने के लिए कंप्यूटर, चालक, सिलाई कढ़ाई आदि के प्रशिक्षण भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अभियान के पहले चरण में 50 हजार से एक लाख रुपये वार्षिक आय तक के परिवारों को आय दोगुनी तक लेकर जाना है। इसके लिए बैंक का पूरा सहयोग लिया जा रहा है। इस प्रकार सेवाभाव से कार्य करते हुए हर किसी की कठिनाई दूर करके सरकार उनके लिए आमदनी दोगुनी करने के साधन मुहैया करवाने के लिए तत्पर है।