रेवाड़ी। जिले में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए एनक्वास (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड) निरीक्षण अभियान जारी है। यह अभियान अगस्त माह से शुरू हुआ और अब तक 14 आयुष्मान आरोग्य मंदिरम का दौरा किया जा चुका है। मीरपुर सीएचसी के अंतर्गत आने वाले फीदेड़ी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर ने 25 अगस्त को एनक्वास सर्टिफिकेट प्राप्त किया, जो जिले के स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
जिले में कुल 95 आयुष्मान आरोग्य मंदिरम, 18 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और 5 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण होना है। सभी केंद्रों का डाटा पहले ही पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है, लेकिन निरीक्षण की तारीखों की घोषणा अभी बाकी है। जिला एनक्वास नोडल अधिकारी डॉ. जोगेंद्र तंवर के अनुसार, भाड़ावास, डहीना, फतेहपुरी, बासदूदा और धारूहेड़ा के पांच पीएचसी का निरीक्षण अभी शेष है। विभाग का लक्ष्य दिसंबर तक अधिकांश केंद्रों का निरीक्षण पूरा करना है।
निरीक्षण के दौरान टीम स्वास्थ्य केंद्रों में सुविधाओं की उपलब्धता, दवाईयों का स्टॉक, साफ-सफाई, हाईजीन, रिकॉर्ड प्रबंधन और अन्य मानकों की बारीकी से जांच करती है। इसके बाद रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जाती है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले केंद्रों को एनक्वास सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है, जो सेवा की गुणवत्ता का प्रतीक होता है।
अब तक निरीक्षण में अलावलपुर, खटावली, नयागांव, गंगायचा जाट, बीकानेर, औंलात, जुड्डी, बुड़ौली, बोलनी, कारौली, मनेठी, मामड़िया आसमपुर और बूढपुर के आरोग्य मंदिरम शामिल हैं। फीदेड़ी केंद्र को सर्टिफिकेट मिल चुका है। अभी 33 आरोग्य मंदिरम का निरीक्षण शेष है, जिनका डाटा पोर्टल पर अपलोड है और टीम की निरीक्षण तिथियां जल्द घोषित की जाएंगी। इस अभियान से जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।