संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। प्राकृतिक खेती वक्त की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में प्राकृतिक खेती के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करना बड़ा फैसला है। इससे न सिर्फ पर्यावरण बचेगा बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी। ये बातें गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मंगलवार को माजरा भालखी में श्रीकृष्ण वेलनेस यज्ञ, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र का उद्घाटन करने के बाद कहीं।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से देश के किसानों का जीवन बेहतर होगा। उन्होंने कहा कि हम जो खा रहे है वह धीमा जहर है। प्राकृतिक खेती ही हमें स्वस्थ रखेगी। इसी से धरती बचेगी और वह बंजर नहीं होगी। उन्होंने कहा कि किसान प्राकृतिक खेती के महत्व को समझ रहे हैं और इसका प्रशिक्षण ले रहे हैं। ऐसे किसानों की संख्या बढ़ रही है। पेस्टीसाइड और अंधाधुंध फर्टिलाइजर के इस्तेमाल से जमीन बंजर हो रही है। उसके अंदर मौजूद सूक्ष्म जीवाणु मर रहे हैं। केंचुए खत्म हो रहे हैं। केंचुआ तो किसान का सबसे बड़ा मित्र है।
राज्यपाल ने कहा कि जैविक खेती और प्राकृतिक खेती बिल्कुल अलग-अलग हैं। प्राकृतिक खेती में बाहर से कच्चा माल लाने की जरूरत नहीं होती, लागत लगभग नगण्य होती है और उत्पादन भी कम नहीं होता। जैविक खेती में अगर कच्चा माल बाहर से लाया जाए तो उत्पादन पूरा नहीं होता। लागत और मेहनत भी कम नहीं होती। उन्होंने कहा कि भारत के किसानों से अनुरोध है कि वे प्राकृतिक खेती की ओर लौटें और प्रधानमंत्री के मिशन में शामिल हों। किसान इस राष्ट्र तथा समाज के विकास और प्रगति में योगदान दें और खुद भी इसका फायदा उठाएं। रासायनिक खेती ने जमीन के अंदर के हमारे मित्र जीवाणुओं को खत्म कर दिया है। इस अवसर पर विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, डॉ. वंदना पोपली जिलाध्यक्ष, डीएमसी राहुल मोदी, एसडीएम सुरेंद्र सिंह, हिमांशु पालीवाल, परवीन शर्मा जिला मीडिया सह प्रभारी भाजपा, कुलदीप चौहान जिला सचिव, रेखा शर्मा उपस्थित थे।