रेवाड़ी। रेवाड़ी के जिला निर्वाचन कार्यालय में कार्यरत कार्यवाहक नायब तहसीलदार जींद निवासी कपिल लांबा ने चंडीगढ़ स्थित अपने ही विभाग के कुछ उच्चाधिकारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि वह राष्ट्रपति को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाएंगे।
सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर नायब ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग में ही सालों से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की वकालत करने की सजा उन्हें मिल रही है। बतौर लांबा प्रदेश के निर्वाचन कार्यालयों में कार्यरत कच्चे कर्मचारी 2015 में ही पक्के हो जाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। 18 जुलाई को वीडियो कांफ्रेंस के दौरान अधिकारियों को इस बात से अवगत कराया तो समाधान की बजाय उनके बैठकों में भाग लेने पर पाबंदी लगा दी गई। तहसीलदार का कहना है कि 6 माह से घर नहीं गया हूं। बीते एक दिन परिवार को रेवाड़ी बुलाया तो छुट्टी होने के बावजूद ड्यूटी पर बुला लिया गया। प्रताड़ित करने के चलते ही दो दिन के अंदर राष्ट्रपति के पास इच्छा मृत्यु के लिए पत्र भेज ने की बात लांबा ने कही है।
वीडियो जारी कर कहा, 9 साल में 10 ट्रांसफर
मार्च 2020 में कपिल लांबा पानीपत से ट्रांसफर होकर रेवाड़ी आए थे। सोमवार को एक सोशल मीडिया साइट पर अपना वीडियो डालकर मूल रूप से जींद निवासी लांबा ने कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 9 साल की नौकरी में 10 से अधिक बार ट्रांसफर किया जा चुका है। वीडियो में लांबा चुनाव विभाग के एक उच्चाधिकारी सहित चार के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगा रहे हैं। वीडियो में कहा गया है कि अगर इससे पहले मेरे साथ कोई दुर्घटना या मेरी मौत हो जाती है तो ये अधिकारी ही जिम्मेदार होंगेे। इच्छा मृत्यु की इजाजत मिल जाने पर सुसाइड नोट चार के नाम लिखने की बात कही है। कपिल लाम्बा ने कहा कि इन अधिकारियों ने मेरी जिंदगी का तमाशा बना दिया है।
एक महीने की छुट्टी मांगी, नहीं मिली
बतौर कपिल लांबा लंबे समय से विभाग को एक महीने की छुट्टी के लिए लिखा हुआ है, लेकिन आज तक मंजूर नहीं की गई। अधिकारी मेवात या सिरसा ट्रांसफर कर दें तो कोई परवाह नहीं है, लेकिन प्रताड़ना बंद करें। 18 जुलाई को जब विभाग में सालों से कार्यरत कच्चे कर्मचारियों की आवाज उठाई तो कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। कच्चे कर्मचारी निर्वाचन विभाग में दिनरात कार्य करते हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।